नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को बजट सत्र के पहले चरण के दौरान निलंबित किए गए आठ सांसदों का निलंबन वापस ले लिया गया है। इन सदस्यों में कांग्रेस के सात और वामपंथी दल का एक सांसद शामिल है। इन सभी को बीते 4 फरवरी को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था।
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस सांसद के. सुरेश सहित तीन अन्य सदस्यों ने निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव रखा, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इससे पहले समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा कि सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की भी है। उन्होंने विशेष रूप से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का उल्लेख करते हुए गरिमा बनाए रखने की अपील की, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई।
उल्लेखनीय है कि इन सांसदों पर आरोप था कि पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा तनाव पर राहुल गांधी के वक्तव्य के दौरान हंगामा करते हुए उन्होंने पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की आसंदी की ओर कागज उछाले थे। निलंबन वापसी की प्रक्रिया के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सभी सदस्यों को सख्त हिदायत दी कि सदन के भीतर प्लेकार्ड या एआई द्वारा निर्मित तस्वीरों का प्रदर्शन न किया जाए।