रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित कर दिया गया। सदन में इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना वित्तीय पत्रक के इसे पारित करना उचित नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि संशोधक विधेयक के प्रावधानों से भविष्य में वित्तीय हानि हो सकती है।
विधायक उमेश पटेल ने विधेयक के दूरगामी परिणामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि बिना वित्तीय पत्रक के विधेयक पारित करने की परंपरा शुरू हुई, तो भविष्य में होने वाले किसी भी नुकसान की जानकारी विधायकों को नहीं मिल पाएगी। उन्होंने इसे एक गलत परंपरा की शुरुआत बताते हुए कहा कि इससे आगे चलकर गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
दूसरी ओर, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने विपक्ष की इन आपत्तियों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विधेयक से किसी भी प्रकार की वित्तीय हानि नहीं होगी और इसके लिए वित्तीय पत्रक प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। सदन में विपक्ष के विरोध के बावजूद सत्ता पक्ष ने बहुमत के साथ छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को पारित करा लिया।