
रायगढ़। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पारदर्शिता और शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिले के स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू किया है। इस सिस्टम के तहत शिक्षकों को मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। उद्देश्य शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना और मनमानी रोकना है।
लेकिन जिले में हालात अलग हैं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, जिले में प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कुल 8154 शिक्षक पदस्थ हैं, जिनमें से केवल 2355 शिक्षक ही नियमित रूप से ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। शेष 5799 शिक्षक या तो सिस्टम से जुड़े नहीं हैं या नियमित हाजिरी नहीं भर रहे हैं।
शिक्षकों द्वारा मोबाइल न होना, नेटवर्क समस्या या तकनीकी कठिनाइयों को बहाना बनाया जा रहा है। इसके बावजूद विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी शिक्षकों को समय पर ऑनलाइन अटेंडेंस देना अनिवार्य है। कुछ शिक्षक सुझाव दे रहे हैं कि ऑनलाइन अटेंडेंस के विकल्प के रूप में बायोमैट्रिक अटेंडेंस और स्कूलों में आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षक जब ऑनलाइन हाजिरी नहीं भरते हैं, तो इससे न केवल शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई और स्कूल संचालन पर भी असर पड़ता है। शिक्षा विभाग फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन कार्रवाई या सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।