मुंगेली। जिले में नर्सिंग होम एक्ट और पीसीपीएनडीटी एक्ट से जुड़े प्रकरणों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 दीपक कुमार प्रजापति को निलंबित किया गया है, जबकि सीएमएचओ डॉ. शीला साहा और टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश खैरवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में कार्यरत दीपक कुमार प्रजापति पर नर्सिंग होम एक्ट के अंतर्गत संधारित प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही और अनावश्यक विलंब के आरोप पाए गए। जांच में सामने आया कि नर्सिंग होम एक्ट के तहत दर्ज 19 में से 18 प्रकरण निर्धारित समय-सीमा से बाहर हो चुके थे। पूर्व में जारी नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब प्रस्तुत न करने पर उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय विकासखंड चिकित्सा अधिकारी, मुंगेली निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
इधर, कलेक्टर कुंदन कुमार ने नर्सिंग होम एक्ट और पीसीपीएनडीटी एक्ट से संबंधित नस्तियों के परीक्षण और प्रस्तुतीकरण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर सीएमएचओ डॉ. शीला साहा को नोटिस जारी किया है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि विभिन्न अस्पतालों के निरीक्षण से संबंधित फाइलें तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रकरण बिना हस्ताक्षर, आवश्यक अवलोकन और अधूरी जानकारी के साथ प्रस्तुत किए गए थे।
इसी प्रकार, सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ टीकाकरण अधिकारी डॉ. कमलेश खैरवार को भी नर्सिंग होम एक्ट से संबंधित फाइलें बिना हस्ताक्षर और समुचित परीक्षण के प्रस्तुत करने पर नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने दोनों अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया है। समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।