भिलाई, 21 जनवरी 2026: राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की ओर से दुर्ग जिले में शिक्षकों के लिए विषयवार आयोजित होने वाले सभी प्रकार के प्रशिक्षण को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) दुर्ग के प्राचार्य पी सी मरकले ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संचालक एससीईआरटी की ओर से यह निर्देश जारी किया गया है।
पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए लिया गया निर्णय
प्राचार्य पी सी मरकले ने बताया कि शासन की मंशानुरूप सभी प्रकार के प्रशिक्षण छुट्टी के दिनों में या कक्षा के बाद दिए जाने हैं, जिससे विद्यालयों की पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत विद्यार्थियों में आलोचनात्मक चिंतन और समस्या समाधान क्षमता के विकास की बात कही गई है। इस परिप्रेक्ष्य में डाइट दुर्ग के तत्वाधान में आयोजित होने वाला ब्लूप्रिंट, प्रश्न पत्र निर्माण और शिक्षणशास्त्र आधारित प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ब्लूप्रिंट और नई तकनीक पर आधारित था प्रशिक्षण
छात्रों में कौशल विकास हेतु यह आवश्यक है कि कक्षा में उन्हें चुनौती प्रदान की जाए, जिससे उनमें उच्च कोटि चिंतन कौशलों का विकास हो। इसके लिए प्रश्नपत्र का संतुलित होना जरूरी है और प्रश्नपत्र के निर्माण में ब्लूप्रिंट महत्वपूर्ण होता है। ब्लूप्रिंट में आए बदलाव को शिक्षकों तक पहुंचाने हेतु यह प्रशिक्षण अति आवश्यक है। नई शिक्षा नीति शैक्षिक रणनीतियों को शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में शामिल करने पर बल देती है। इस प्रशिक्षण में विज्ञान और गणित विषय में बच्चों को वर्तमान संदर्भ के अनुरूप विकास के लिए नई तकनीक देने पर भी सुझाव दिए जाने थे।
बोर्ड परीक्षाओं के बाद नई तारीखों का होगा एलान
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। अगले महीने में 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा आयोजित होनी है, जो कि बच्चों और अध्यापकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान शिक्षक महत्वपूर्ण टॉपिकों पर बच्चों से चर्चा के साथ अभ्यास कराएंगे और प्रश्नों को हल करने का तरीका बताएंगे। नोडल सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि डाइट के सभी संकाय सदस्यों द्वारा पूर्ण तैयारी कर ली गई है। डीआरजी एवं बीआरजी का प्रशिक्षण हो चुका है, परिषद का आदेश मिलते ही आगामी प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
– रमेश गुप्ता की रिपोर्ट