रमेश गुप्ता दुर्ग । दुर्ग पुलिस ने थाना पाटन क्षेत्र में राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) से जुड़ी 1 करोड़ 19 लाख रुपये की बीमा धोखाधड़ी का खुलासा किया है। मामले में जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर बीमा राशि आहरित की गई थी। पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
निरीक्षक राजेश मिश्रा के अनुसार, 16 फरवरी 2026 को HDFC Life Insurance Company Limited, बोकारो (झारखंड) के प्रबंधक द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से संबंधित खातों में जाली दस्तावेजों के आधार पर मृत्यु दावा प्रस्तुत कर लगभग 1.19 करोड़ रुपये की राशि निकाली गई है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत जीवित पेंशनधारकों को मृत दिखाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, जाली आधार कार्ड एवं अन्य केवाईसी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन माध्यम से दावा प्रस्तुत किया। एक प्रकरण में सेवानिवृत्त कर्मचारी के नाम पर मृत्यु दावा किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।
मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया (44 वर्ष), निवासी पंचशील सेक्टर-01, बोरसी, दुर्ग, दुर्ग क्षेत्र में एक ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है। वह एनपीएस निकासी के नाम पर ग्राहकों से आधार, पैन एवं बैंक संबंधी जानकारी प्राप्त कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा दावा प्रस्तुत करता था। जांच में समान पते का उपयोग, अमान्य क्यूआर कोड युक्त मृत्यु प्रमाण पत्र तथा संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन जैसी अनियमितताएं पाई गईं।
प्रकरण में कंपनी के पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर की भूमिका भी सामने आई है, जिस पर अपने पद का दुरुपयोग कर जाली दस्तावेज अपलोड करने और सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार करने का आरोप है।
मामले में अपराध क्रमांक 74/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316, 318, 336(2), 337, 338, 339, 340(2), 61(2), 3(5) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के कब्जे से 10,000 रुपये नकद एवं फर्जी दस्तावेजों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं। जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की।
……………………………….
एडिशनल एसपी एवं प्रेस प्रवक्ता मणि शंकर चंद्रा ने नागरिकों से अपील की है कि बीमा या पेंशन योजनाओं से संबंधित व्यक्तिगत दस्तावेज किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। वित्तीय धोखाधड़ी में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग में 1.19 करोड़ की एनपीएस बीमा धोखाधड़ी का खुलासा, जीवित लोगों को मृत बताकर निकाली राशि

17
Feb