मां की गोद में थमी नवजात की सांसें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा, पढ़े कलेजा फटा देने वाली खबर

Shahdol News

शहडोल: जिले के ब्यौहारी क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जो हर माता-पिता के लिए एक बड़ा सबक है। ग्राम कल्हारी (सूखा) निवासी सुनील कुमार पाल की नवजात बेटी प्रियांशी की संदिग्ध मौत के मामले में मेडिकल रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। जिस मौत का कारण परिजन ‘गलत टीकाकरण’ मान रहे थे, असल में उसकी वजह स्तनपान के दौरान हुई एक छोटी सी चूक निकली।

आधी रात को थमी धड़कनें, परिजनों ने लगाया आरोप घटना 9 जनवरी की है, जब मासूम प्रियांशी को आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण का दूसरा डोज लगाया गया था। परिजनों का कहना है कि टीका लगने के बाद से बच्ची लगातार रो रही थी। रात करीब 3 बजे जब माता-पिता की नींद खुली, तो बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बदहवास परिजन बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। गुस्से में आए परिजनों ने एएनएम पर गलत तरीके से टीका लगाने का आरोप लगाया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का राज: ‘एस्पिरेशन’ बनी वजह मामले की गंभीरता को देखते हुए जब पोस्टमार्टम कराया गया, तो सच्चाई कुछ और ही निकली। ब्यौहारी बीएमओ (BMO) डॉ. विशाल सिंह परिहार ने बताया कि:

बच्ची की मौत एस्पिरेशन (Aspiration) की वजह से हुई है।

गलत तरीके से लिटाकर दूध पिलाने के कारण दूध बच्ची की श्वासनली (Food Pipe to Windpipe) में चला गया।

पोस्टमार्टम के दौरान बच्ची के फेफड़ों में दूध भरा पाया गया, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौत हो गई।

बीएमओ की सलाह: जागरूकता ही बचाव बीएमओ ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण के बाद सामान्य रिएक्शन हो सकते हैं, लेकिन फेफड़ों में दूध का मिलना सीधे तौर पर स्तनपान के दौरान हुई लापरवाही को दर्शाता है। स्वास्थ्य विभाग लगातार माताओं को जागरूक करता है कि नवजात को हमेशा गोद में सही स्थिति में बैठाकर ही दूध पिलाएं और उसके बाद डकार जरूर दिलाएं, ताकि दूध श्वासनली में न फंसे।

यह दुखद घटना याद दिलाती है कि नवजात शिशुओं की देखभाल में छोटी सी लापरवाही भी कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *