भोपाल, 22 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती पर सख्ती बरतते हुए नया आदेश जारी किया है। अब किसी भी विभाग को आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए वित्त विभाग से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। वित्त विभाग ने 31 मार्च 2023 को जारी किए गए उस आदेश को निरस्त कर दिया है, जिसके तहत विभाग अपनी सुविधानुसार आउटसोर्स भर्ती कर रहे थे।
वित्त विभाग द्वारा सभी विभागों को जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में आउटसोर्स भर्ती केवल वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद ही संभव होगी। विशेष रूप से चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से नियमित भर्ती पर पहले से प्रतिबंध है। अब आउटसोर्स से भी चतुर्थ श्रेणी की भर्ती नहीं हो सकेगी।
इस फैसले से सरकारी कर्मचारी संगठनों में खुशी है, जो लंबे समय से आउटसोर्स भर्ती के विरोध में सक्रिय थे। संगठनों का कहना है कि इससे नियमित भर्ती को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी पदों पर योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिलेंगे। विभागों द्वारा अपनी सुविधा के अनुसार आउटसोर्स नियुक्तियां करने की प्रथा पर अब लगाम लगेगी।
यह आदेश सरकारी कर्मचारियों की मांगों को ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है। इससे राज्य में भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी।