बिहार में एनडीए की सरकार तय, विकास को जनता ने दिया भरोसा : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान

रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि राज्य में स्पष्ट बहुमत के साथ एनडीए की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन को 150 से अधिक सीटें मिलने का अनुमान पहले से था, और बिहार की जनता ने इस बार “विकास की राजनीति” को चुना है।

शर्मा ने कहा— “बिहार की जनता को बधाई। लंबे समय तक राज्य में गुंडाराज का माहौल था, लेकिन इस चुनाव में लोगों ने विकास को प्राथमिकता दी है।”


कांग्रेस और ईवीएम पर विजय शर्मा का हमला

कांग्रेस द्वारा ईवीएम पर उठाए गए सवालों पर उपमुख्यमंत्री शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कांग्रेस नेतृत्व बार-बार हार का कारण ईवीएम को बताकर अपनी कमजोरी छिपाने की कोशिश करता है।

उन्होंने कहा—
“राहुल गांधी प्रभावी नेतृत्व नहीं दे पा रहे हैं। कांग्रेस को आत्म-चिंतन की जरूरत है, न कि मशीनों पर आरोप लगाने की।”


भूपेश बघेल पर तीखी टिप्पणी

बिहार चुनाव में भूपेश बघेल को सीनियर ऑब्जर्वर बनाने पर भी शर्मा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बघेल को पहले अपने “बोलने के अंदाज” और “व्यवहार” में सुधार करना चाहिए।

शर्मा ने कहा—
“अगर प्रभावी नेता बनना है तो अपना तौर-तरीका बदलना होगा। वह ऐसे बोलते हैं जैसे हाथ में लाठी लेकर सबको भैंस समझते हैं। कांग्रेस नेतृत्व में वह ताकत नहीं रही जो पहले हुआ करती थी।”


ईडी द्वारा पैतृक संपत्ति अटैचमेंट पर प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ईडी के अटैचमेंट पर किए गए पोस्ट पर भी शर्मा ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा—

“ईडी राष्ट्रीय संस्था है। वह किसी की पैतृक जमीन का एक इंच भी अटैच नहीं कर सकती। ईडी ने किस संपत्ति पर कार्रवाई की है, इसका पूरा विवरण अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध है।”


धान खरीदी को लेकर सरकार पूरी तरह तैयार

15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को लेकर उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार पूरी तरह तैयार है। इस बार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा।


करणी सेना की धमकी पर सख्त बयान

रायपुर पुलिस को करणी सेना के नेताओं द्वारा कथित धमकी देने पर शर्मा ने संगठन को चेतावनी देते हुए कहा—

“समाज किसी अपराधी के साथ नहीं खड़ा होता। किसी भी अपराधी के लिए संगठन काम नहीं कर सकते। अगर कोई पुलिस को धमकाने की कोशिश करेगा, तो यह गंभीर अपराध होगा और कार्रवाई निश्चित है।”


छत्तीसगढ़ में पहली बार डीजीपी कॉन्फ्रेंस

विजय शर्मा ने बताया कि 28–30 नवंबर तक छत्तीसगढ़ में पहली बार डीजीपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन राज्य के लिए महत्वपूर्ण निष्कर्ष लेकर आएगा।

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