नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा लागू किए गए इक्विटी रेगुलेशन 2026 के खिलाफ देश के कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। नए नियमों के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में SC, ST और OBC के लिए समान अवसर प्रकोष्ठ का गठन अनिवार्य किया गया है। पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग को भी जातिगत भेदभाव से संरक्षण प्राप्त वर्गों में शामिल किए जाने पर जनरल कैटेगरी के छात्रों ने आपत्ति जताई है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि OBC वर्ग को पहले से ही आरक्षण का लाभ मिल रहा है, ऐसे में उन्हें इस श्रेणी में शामिल करना अन्य वर्गों के साथ अन्याय है।
इस पूरे मामले पर UGC की ओर से जल्द स्पष्टीकरण जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नए नियमों पर बढ़ते आक्रोश के बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से जब सवाल किया गया तो उन्होंने सीधे जवाब देने से बचते हुए धार्मिक नारों का उच्चारण किया, जिससे विवाद और गहरा गया।
वहीं कांग्रेस नेता हरीश रावत ने इस मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के पास जन समस्याओं पर कोई ठोस एजेंडा नहीं है और ऐसे फैसले समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं।
बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों समेत सरकारी नीतियों से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में विरोध का अनोखा तरीका अपनाया गया, जहां कुछ सामाजिक संगठनों ने चुप्पी साधे नेताओं को चूड़ियां भेजने का अभियान शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को छात्र हितों पर खुलकर बोलना चाहिए।
इधर, UGC के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष शीघ्र सुनवाई की मांग की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ राजधानी दिल्ली में भी प्रदर्शन जारी हैं। दिल्ली में छात्रों ने UGC मुख्यालय के बाहर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है।