लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिल रहा है। बहुजन समाज पार्टी के पूर्व कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी अब समाजवादी पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं। सिद्दीकी पिछले आठ वर्षों से कांग्रेस में थे, लेकिन बीते महीने ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अब यह साफ हो गया है कि उनका अगला ठिकाना अखिलेश यादव की अगुवाई वाली समाजवादी पार्टी होगी।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी की गिनती कभी उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में होती थी। बसपा सरकार के दौरान वे पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखते थे और सरकार के साथ-साथ संगठन पर भी उनकी मजबूत पकड़ थी। हालांकि, सत्ता से बाहर होने के बाद धीरे-धीरे उनका राजनीतिक रुतबा कम होता गया और कांग्रेस में शामिल होने के बाद भी वे अपनी पुरानी चमक वापस नहीं पा सके।
कांग्रेस छोड़ने के अपने फैसले पर सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि उनकी किसी नेता से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने इस्तीफा देने का मुख्य कारण कार्यशैली को बताया। सिद्दीकी के अनुसार, वे एक जमीनी कार्यकर्ता हैं और कांग्रेस में उन्हें ऐसा काम नहीं मिल पा रहा था।
उन्होंने कहा कि मीडिया विभाग का अध्यक्ष बनना या किसी समिति का सदस्य मनोनीत होना जमीनी स्तर का काम नहीं है। आठ साल तक संगठन से दूर रहने के कारण उन्होंने यह निर्णय लिया। सिद्दीकी का मानना है कि वे अब समाजवादी पार्टी के जरिए फिर से धरातल पर उतरकर राजनीति करना चाहते हैं।