गरियाबंद में 28 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’, कलेक्टर ने ‘उजास’ पत्रिका का किया विमोचन

जिला जनसंपर्क कार्यायल, गरियाबंद
समाचार

लखपति महिला पहल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए
जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संपन्न
कलेक्टर एवं सीईओ ने बिहान गरियाबंद द्वारा प्रकाशित पत्रिका उजास का किया विमोचन

गरियाबंद, 17 मार्च 2026/लखपति महिला पहल अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति के सफल संचालन एवं क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर बीएस उइके की अध्यक्षता में आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यापालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान महिलाओं के स्वावलंबन, आत्मनिर्भरता एवं सशक्तिकरण पर जोर दिया गया। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित “लखपति महिला पहल” का उद्देश्य स्व सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना एवं उन्हें स्वरोज़गार से जोड़ते हुए उनकी वार्षिक आय को एक लाख रुपये से अधिक तक बढ़ाना है। इसके लिए महिलाओं को कृषि, पशुपालन, मत्स्यपालन, बागवानी, वन आधारित गतिविधियों एवं लघु उद्योगों से जोड़कर सतत् आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।


गरियाबंद जिले में अब तक 28 हजार से अधिक लखपति दीदी बन चुकी हैं, जो महिलाओं के आर्थिक स्वालंबन एवं सशक्तिकरण को दर्शाती है। इसके लिए सभी विभागों की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुँचाना शामिल है। कार्यक्रम के दौरान “लखपति दीदी ग्राम” की संकल्पना के बारे में पावर पॉइट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। बताया गया कि इस मॉडल के अंतर्गत ग्राम स्तर पर महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर समग्र रूप से उनके आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर उइके ने कहा कि इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय एवं संयुक्त प्रयासों के साथ कार्य करें, ताकि “लखपति दीदी ग्राम” की परिकल्पना को सफलतापूर्वक साकार किया जा सके। बैठक में “लखपति महिला पहल” आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शित की गई। जिसमें जिले के महिलाओं द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजिविका मूलक कार्यों को सफलता की जा रही है।। इसके अलावा, बिहान गरियाबंद की ओर से प्रकाशित पत्रिका “उजास” स्वावलंबन व आत्मनिर्भरता का बिहान का विमोचन किया गया। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ स्व सहायता समूह की महिलाओं तक पहुँचाना सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, वित्तीय समावेशन एवं विपणन सुविधाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही, समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


जिला पंचायत के सीईओ चंद्राकर ने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले की अधिक से अधिक महिलाएँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल स्थापित करेंगी और जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। इसके लिए संबंधित विभाग लखपति दीदीयों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करने को प्राथमिकता दे साथ ही उन्हें बैंको के माध्यम से ऋण दिलाए। इस दौरान डीपीएम पतंजल मिश्रा ने बिहान दीदीयों के द्वारा जिले में आत्मनिर्भरता के तहत चल रहे कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर उद्योग विभाग के महाप्रबंधक दिनबंधु ध्रुव, अंत्यवसायी विभाग के सीईओ सुश्री रश्मि गुप्ता, लाईवलीहुड कॉलेज के परियोजना अधिकारी सृष्टि मिश्रा सहित संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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