इछावर (सीहोर)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ ‘अमृत’ समझकर पिलाया गया हल्दी का घोल पशुओं के लिए ‘जहर’ साबित हुआ। ग्राम मैना और खामखेड़ा के बीच डेरा डाले पशुपालकों की लगभग 150 से 200 गाडर-बकरियों की अचानक मौत हो गई। इस सामूहिक मौत से न केवल क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, बल्कि गरीब पशुपालक परिवारों की आजीविका पर भी पहाड़ टूट पड़ा है।
पशुपालकों ने बताया कि उन्होंने 22 फरवरी को ग्राम मैना के साप्ताहिक बाजार से पिसी हुई हल्दी खरीदी थी। परंपरा और स्वास्थ्य लाभ के चलते उन्होंने इस हल्दी को पानी में घोलकर जानवरों को पिलाया, लेकिन कुछ ही देर बाद नजारा खौफनाक हो गया। हल्दी पीते ही पशुओं को उल्टियाँ होने लगीं और वे बेदम होकर जमीन पर गिरने लगे। देखते ही देखते सैकड़ों बेजुबान जानवरों ने दम तोड़ दिया। पशुपालकों को अंदेशा है कि बाजार में बिक रही हल्दी में कोई जानलेवा मिलावट थी, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग मामले की जांच में जुट गया है ताकि मिलावटखोरों पर नकेल कसी जा सके।