प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मुलाकात की। इस हाई-लेवल समिट में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी गंभीर चर्चा की।
मोदी का स्पष्ट संदेश: “संघर्ष अब खत्म होना चाहिए”
पीएम मोदी ने बैठक में दो टूक कहा कि भारत निष्पक्ष नहीं है, बल्कि शांति के पक्ष में खड़ा है।
उन्होंने पुतिन से कहा—
“रूस-यूक्रेन संघर्ष अब समाप्त होना चाहिए। और यह अंत बातचीत व कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।”
पुतिन ने भी जताई सहमति
मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस भी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रयासरत है।
उन्होंने कहा—
“विश्व का कल्याण शांति के मार्ग में ही है। हमें मिलकर रास्ते तलाशने होंगे। पूरी उम्मीद है कि दुनिया एक बार फिर शांति की दिशा में आगे बढ़ेगी।”
25 साल की साझेदारी पर बात
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत-रूस संबंधों की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि पुतिन की भारत की पहली यात्रा को 25 वर्ष पूरे हो गए हैं।
उन्होंने कहा—
“2001 में आपकी पहली भारत यात्रा में ही स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की नींव रखी गई। मुझे खुशी है कि मेरे व्यक्तिगत संबंध भी आपके साथ 25 साल पूरे कर रहे हैं। आपने विजनरी नेतृत्व का उदाहरण पेश किया है, और भारत-रूस संबंध इसका प्रमाण हैं।”
आर्थिक संबंधों पर फोकस
मोदी ने कहा कि भारत-रूस आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का समय है।
“मुझे भरोसा है कि आज जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, वे आर्थिक साझेदारी को और विस्तार देंगे।”
पुतिन बोले— हाई-टेक सहयोग की नई राहें खुलेंगी
रूस के राष्ट्रपति ने भारत के निमंत्रण का आभार जताते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं।
उन्होंने कहा—
“हम यूक्रेन की स्थिति को लेकर कई पार्टनर्स, जिनमें अमेरिका भी शामिल है, से बातचीत कर रहे हैं। भारत इस दिशा में गंभीर ध्यान देता है, इसकी हम सराहना करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा—
“पिछले वर्षों में आपने हमारे संबंधों को नई ऊंचाई दी है। हाई-टेक एयरक्राफ्ट, स्पेस एक्सप्लोरेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसर तैयार हो रहे हैं।”