Mitanin Protest Chhattisgarh : कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली मितानिनें आज खुद सिस्टम की अनदेखी के कारण बदहाली की कगार पर हैं। पिछले एक साल से समय पर प्रोत्साहन राशि न मिलने के कारण मितानिनों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ‘छत्तीसगढ़ मितानिन नागरिक जागरूक संस्था’ ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और प्रशासन को 3 जनवरी 2026 तक का अल्टीमेटम दिया है।
Mitanin Protest Chhattisgarh : सिस्टम अपडेट के बहाने भुगतान में देरी
मितानिनों का आरोप है कि पिछले चार महीनों से उनकी प्रोत्साहन राशि (राज्यांश और केंद्रांश) पूरी तरह से लंबित है। जब भी वे अपने हक के पैसे की मांग करती हैं, तो स्वास्थ्य विभाग ‘सिस्टम अपडेट’ होने का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है। संस्था का कहना है कि एक तरफ अन्य विभागों के कर्मचारियों को उसी कार्य के लिए नियमित भुगतान हो रहा है, वहीं मितानिनों से बिना किसी मानदेय के काम कराया जा रहा है, जो उनके साथ सरासर अन्याय है।
आर्थिक तंगी से चरमराई गृहस्थी
जिले की सैकड़ों मितानिनों का कहना है कि प्रोत्साहन राशि ही उनकी आय का मुख्य जरिया है। भुगतान में देरी होने की वजह से उनके बच्चों की शिक्षा, राशन और अन्य घरेलू खर्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। संस्था ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि भुगतान की कोई निश्चित तिथि न होने के कारण स्थिति और भी भयावह होती जा रही है।
3 जनवरी के बाद शुरू होगा उग्र आंदोलन
मितानिन संघ ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 3 जनवरी तक उनके खातों में लंबित राशि नहीं डाली गई, तो वे जिले भर में कामकाज ठप कर सड़क पर उतरेंगी। इस संभावित आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इन कार्यकर्ताओं के आक्रोश ने अब स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है।