भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है, जिसकी गहराई से जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है। एसीपी अंकिता खातरकर के नेतृत्व में यह टीम मामले के हर पहलू की पड़ताल करेगी। बता दें कि रोशनी का शव कोहेफिजा इलाके के एक पीजी (PG) में बाथरूम के पास मिला था, जहाँ पास ही एसिड की एक खाली बोतल भी बरामद हुई थी। पुलिस को शुरुआती जांच में छात्रा के मोबाइल से कई महत्वपूर्ण मैसेज मिले हैं, जिन्हें सुसाइड नोट के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच में यह बात सामने आई है कि रोशनी ने मौत से कुछ घंटे पहले खुद को ही व्हाट्सएप पर मैसेज किए थे, जिसमें मेडिकल की पढ़ाई के भारी दबाव का जिक्र था। मैसेज में लिखा था कि नीट (NEET) परीक्षा पास करना जितना सुखद था, एमबीबीएस की पढ़ाई उससे कहीं ज्यादा कठिन और चुनौतीपूर्ण है। छात्रा ने अपने छोटे भाई के लिए भावुक संदेश छोड़ते हुए लिखा, “मुझसे अब और नहीं हो पा रहा है, लेकिन तुम अपनी पढ़ाई अच्छे से करना।” पुलिस ने मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अब यह गुत्थी सुलझाने की कोशिश की जा रही है कि क्या यह केवल आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और कारण भी छिपा है।