नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के पालम इलाके में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में लगी भीषण आग ने नौ लोगों की जान ले ली है। इस हृदय विदारक घटना पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं ताकि आग लगने के कारणों और किसी भी स्तर पर हुई लापरवाही की पूरी पड़ताल की जा सके।
हादसे की जानकारी देते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने बताया कि सुबह करीब साढ़े छह बजे इमारत में आग लगी थी। तीसरी मंजिल पर फंसा परिवार धुएं के कारण नीचे नहीं उतर सका और मदद के लिए गुहार लगाता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की टीम घटना स्थल पर लगभग एक घंटा देरी से पहुंची, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ और जनहानि बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दमकल विभाग की हाइड्रोलिक लिफ्ट समय पर न खुल पाने के कारण भी फंसे हुए लोगों को निकालने में बाधा आई।
दिल्ली सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इसके तहत प्रत्येक मृतक वयस्क के परिजनों को 10 लाख रुपये और नाबालिग मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 2 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस कठिन समय में प्रभावितों के साथ खड़ी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे।
कानूनी कार्रवाई के तहत पालम विलेज थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने धारा 287, 125(ए) और 106(1) के तहत मामला दर्ज कर आग लगने के वास्तविक कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।