बलौदाबाजार, 27 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल गिरौदपुरी धाम में आज दोपहर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड में मंदिर मार्ग पर स्थित लगभग 10 से 12 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस घटना में स्थानीय दुकानदारों को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना का मुख्य कारण बिजली के ट्रांसफार्मर में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदरों की उछल-कूद के कारण ट्रांसफार्मर में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे निकली चिंगारियों ने पास की झोपड़ीनुमा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। सूखी घास और लकड़ी से बनी इन दुकानों में आग तेजी से फैली। स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं ही पानी का प्रबंध कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि दमकल की गाड़ियां घटना के लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं, तब तक अधिकांश दुकानें जल चुकी थीं।
गनीमत रही कि ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से आग को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया, अन्यथा यह मंदिर परिसर के मुख्य हिस्से तक पहुंच सकती थी। गिरौदपुरी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। बाबा गुरु घासीदास के दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं के मार्ग पर स्थित ये दुकानें छोटे व्यवसायियों के जीविकोपार्जन का मुख्य साधन थीं।
इस हादसे ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर इन अस्थायी दुकानों के स्थान पर पक्के निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन, समाज प्रमुख और मेला समिति इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाते हैं ताकि दुकानदारों को सुरक्षा मिल सके और धार्मिक स्थल की गरिमा व सुरक्षा बनी रहे।
