भर्ती और हमलों का मास्टरमाइंड था मारा गया माओवादी उधम सिंह, तेलंगाना से गढ़चिरौली तक फैला था जाल

जगदलपुर। नक्सल विचारधारा का खुलकर प्रचार करने वाला कुख्यात माओवादी उधम सिंह का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसी उधम सिंह को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से सटे क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में मार गिराया है।

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में सी-60 कमांडो द्वारा की गई एक बड़ी कार्रवाई में उधम सिंह समेत कुल 7 माओवादी मारे गए हैं। यह मुठभेड़ हाल के वर्षों में की गई सबसे बड़ी एंटी-नक्सल कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

माओवादी संगठन का प्रमुख रणनीतिक नेता था उधम सिंह
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, उधम सिंह माओवादी संगठन का एक प्रमुख रणनीतिक नेता था। वह गढ़चिरौली डिवीजन कमेटी का इंचार्ज, वेस्ट सब जोनल ब्यूरो का प्रभारी और CPI (माओवादी) की कंपनी नंबर-10 का कमांडर था। उसे सीमावर्ती इलाकों में संगठन विस्तार, नए कैडर की भर्ती और हमलों की रणनीति तैयार करने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

उधम सिंह तेलंगाना का निवासी
मारे गए माओवादी उधम सिंह की पहचान तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के निवासी के रूप में हुई है। वह लंबे समय से छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय था और कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही थी।

माओवादी नेटवर्क को बड़ा नुकसान
सुरक्षा बलों का मानना है कि उधम सिंह के मारे जाने से माओवादी नेटवर्क को गंभीर संगठनात्मक और रणनीतिक नुकसान हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी इस बात की पुष्टि करता है कि वह खुले तौर पर नक्सल विचारधारा का प्रचार करता था।

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