Railway Facts : भारतीय रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मसलन, संवेदनशील और चिह्नित मार्गों/खंडों पर, विभिन्न राज्यों की सरकारी रेलवे पुलिस द्वारा प्रतिदिन सुरक्षा प्रदान की जाने वाली ट्रेनों के अतिरिक्त, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा भी ट्रेनों को सुरक्षा प्रदान करना। इसके अलावा संकट में फंसे यात्रियों को सुरक्षा संबंधी सहायता प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे पर रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 (24×7) की सुविधा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यात्रियों से तत्काल संपर्क साधना। वहीं, रेलवे के कुछ नियम यात्रियों के लिए भी हैं ताकि उनकी लापरवाही से किसी दूसरे यात्री की जान खतरे में न आए। इन्हीं में से एक नियम ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों के इस्तेमाल करने को लेकर भी है। क्या आपको पता है कि, ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा यूज करने पर कितने साल की सजा होगी ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं।
ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों का यूज़
कई बार ऐसा देखा जाता है कि यात्री ट्रेन में मोबाइल-लैपटॉप के अलावा हैवी इलेक्ट्रिक आइटम्स का उपयोग करने लगते हैं। जैसे- इलेक्ट्रिक केतली और इंडक्शन चूल्हा आदि। हाल ही में एक वीडियो सामने आया था जिसमें एक महिला इलेक्ट्रिक केतली में मैगी बना रही थी। इस वीडियो की काफी आलोचना भी हुई थी जिसके बाद रेलवे ने ऐसा न करने की अपील की थी।
ट्रेन में नहीं इन चीजों का इस्तेमाल वर्जित
गौरतलब है कि, भारतीय रेलवे की ओर से कई नियम तय किए गए हैं जिनका अनुपालन सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है। रेलवे नियमों के मुताबिक, ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन चूल्हा, हीटर, प्रेस या हाई वोल्टेज वाले दूसरे उपकरण ज्यादा लोड खींचते हैं इसलिए इन्हें ट्रेन में नहीं चला सकते हैं। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि, ऐसे उपकरणों के इस्तेमाल से आग लगने की आशंका, बिजली आपूर्ति बाधित होने और एसी-इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। यात्रियों से अपील की गई है कि कोई इस तरह के उपकरणों का उपयोग करता दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचित करें।
ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा यूज करने पर कितनी सजा
यदि कोई यात्री ट्रेन में सफर के दौरान इलेक्ट्रिक चूल्हा यूज करते हुए पकड़ा जाता है तो रेलवे एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे में आरोप की गंभीरता के आधार पर जुर्माना तय होता है। कई रिपोर्ट्स में रेलवे एक्ट 153 का हवाला देते हुए बताया जाता है कि ट्रेन में इलेक्ट्रिक चूल्हा यूज करने पर जुर्माने के साथ छह महीने की सजा हो सकती है। यदि ऐसी लापरवाही से आग लगने जैसे हालात बने तो सेक्शन 154 प्रभावी होता है जिसमें जुर्माना और 2 साल की सजा तक का प्रावधान है।