अम्बिकापुर (हिंगोरा सिंह): आचार्य दिनेश मिश्र (अम्बिकापुर-सरगुजा) के अनुसार, भगवान सूर्य नारायण मकर राशि में 14 जनवरी बुधवार को रात्रि 9:19 बजे से प्रवेश करेंगे और इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे तथा खरमास समाप्त हो जाएगा। मकर संक्रांति का शास्त्रोक्त नियम है कि प्रदोष काल के बाद किसी भी समय संक्रांति लगती है तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन होता है। अतः मकर संक्रांति खिचड़ी पर्व 15 जनवरी गुरूवार को मनाया जाएगा।
इस बार मकर संक्रांति पश्चिम में गमन करेगी, इससे पश्चिम में संग्राम की चिंता भी हो सकती है। संक्रांति का वाहन ब्याघ्र होगा, इसलिए देश के अंदर मनमुटाव व उपद्रव होने की संभावना हो सकती है। अश्व उप वाहन होगा इससे घोड़ों को हानि भी हो सकती है। इस बार संक्रांति ने पीला वस्त्र धारण किया है इसलिए प्रशव वाली स्त्रियों को सावधानी रखने की आवश्यकता है। केशर हल्दी के भाव तेज हो सकते हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर राशि अनुसार फल इस प्रकार रहेंगे: मेष – रोग, वृष – धन प्राप्ति, मिथुन – वित्त लाभ, कर्क – कार्य क्षति, सिंह – उदर पीड़ा, कन्या – धन लाभ, तुला – धन नाश, वृश्चिक – उत्तम भोजन, धनु – शोक चिंता, मकर – लाभ, कुंभ – सुख, मीन – राज्य भय।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, ऊनी कपड़ों व द्रव्य का दान करना चाहिए। साथ ही इस विशेष अवसर पर ब्राह्मणों को पंचांग का दान भी करना चाहिए।