Makar Sankranti 2026 : नर्मदापुरम। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज सूर्य के उत्तरायण होते ही नर्मदा तटों पर भक्ति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के 4:00 बजे से ही प्रसिद्ध सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। नर्मदापुरम के साथ-साथ बैतूल, छिंदवाड़ा और भोपाल जैसे शहरों से आए हजारों भक्तों ने मां नर्मदा के शीतल जल में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया।
दान-पुण्य और उपासना का विशेष महत्व सनातन परंपरा के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो गई है। सेठानी घाट पर स्नान के बाद भक्तों ने भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और तिल-गुड़ सहित खिचड़ी का दान किया। मान्यता के अनुसार, आज के दिन दरिद्र नारायण को कंबल और ऊनी वस्त्र दान करने का विशेष फल मिलता है, जिसे देखते हुए घाटों पर बड़े पैमाने पर सेवा कार्य भी किए गए।
खातेगांव और नेमावर में भी रही धूम नर्मदापुरम के अलावा खातेगांव क्षेत्र के नेमावर में भी उत्सव का माहौल रहा। पेढ़ी घाट, सिद्धनाथ घाट और नागर घाट पर देवास, हरदा और सीहोर जिलों से आए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। ‘हर-हर नर्मदे’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य उपासना के इस पर्व पर भक्तों ने सूर्य देव को लाल पुष्प, गुड़ और नारियल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस बल हर घाट पर मुस्तैद नजर आया।