महासमुंद, 15 जनवरी 2026: जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन, भंडारण या विक्रय को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर के निर्देशानुसार राजस्व, मंडी, सहकारिता तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रही हैं। 14 जनवरी तक अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय से जुड़े कुल 344 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 26 राइस मिलों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें अनियमितता पाए जाने पर जप्ती की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 5 राइस मिलों में धान की कमी पाए जाने पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए। समितियों के सत्यापन में भी एक जप्त प्रकरण तथा एक धान कमी संबंधी प्रकरण दर्ज हुआ।
इन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप अब तक जिले में कुल 376 जप्त प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। संयुक्त टीमों द्वारा कुल 91,753.13 क्विंटल धान जब्त किया गया है। जब्त धान में से 72,373.64 क्विंटल वैध मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि 17,402.29 क्विंटल धान पुलिस थाना एवं अन्य सक्षम प्राधिकरणों को सौंपा गया है। शेष 1,977.20 क्विंटल धान के संबंध में नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही जारी है।
विशेष रूप से 13 जनवरी को विभिन्न विकासखंडों में संयुक्त कार्रवाई के दौरान 38,125 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया तथा 12,573 क्विंटल धान की कमी पाई गई। सरायपाली विकासखंड में 7 ट्रैक्टर और 2 पिकअप वाहनों के साथ 264 क्विंटल धान जब्त हुई। राइस मिलों के सत्यापन में 37,759 क्विंटल धान बरामद किया गया। बागबाहरा में एक पिकअप वाहन से 30 क्विंटल, पिथौरा में एक ट्रैक्टर के साथ 40 क्विंटल तथा बसना में 32 क्विंटल अवैध धान जब्त की गई। पिथौरा विकासखंड की राइस मिलों में 12,573 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
कलेक्टर ने प्रमुख मार्गों, अंतर्राज्यीय जांच चौकियों, राइस मिलों तथा धान उपार्जन केंद्रों पर निरंतर निरीक्षण और निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने तथा अंतर्राज्यीय अवैध धान परिवहन को रोकने पर विशेष जोर दिया है। सभी कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता के साथ करने तथा किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए गए हैं।