नई दिल्ली। साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 4 मार्च को लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण के समय दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि इस दिन कुछ खास वस्तुओं का दान करने से न केवल जीवन में सुख-समृद्धि आती है, बल्कि व्यक्ति चंद्र दोष से भी मुक्त होता है। चंद्रमा को मन और माता का कारक माना जाता है, इसलिए इस दिन दान करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और पारिवारिक संबंधों में मधुरता आती है।
सफेद वस्तुओं का दान
चंद्रमा का संबंध सफेद रंग से है, इसलिए चंद्र ग्रहण के दिन सफेद चीजों का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। इस अवसर पर चावल, चीनी, दूध या दूध से बनी मिठाइयों का दान करना फलदायी होता है। इसके अलावा सफेद वस्त्रों का दान करने से भी जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि का आगमन होता है।
चांदी और मोती का दान
ग्रहण के दौरान चांदी या मोती का दान करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। विशेषकर उन लोगों के लिए यह दान लाभकारी है जिनकी कुंडली में चंद्रमा राहु, केतु या शनि के प्रभाव में है। ऐसा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक एकाग्रता बढ़ती है।
अन्न और धन का दान
हिंदू धर्म में अन्नदान को महादान माना गया है। चंद्र ग्रहण के दिन जरूरतमंदों को पका हुआ भोजन या कच्चा अनाज देने से चंद्रमा की शुभ दृष्टि प्राप्त होती है। इसके साथ ही सामर्थ्य अनुसार धन का दान करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
दीप दान का महत्व
चंद्र ग्रहण के दिन पवित्र नदियों में दीप दान करने की भी परंपरा है। मिट्टी के दीपक जलाकर जल में प्रवाहित करने से चंद्र दोष के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। यदि नदी में जाना संभव न हो, तो घर पर ही चंद्रमा का स्मरण करते हुए दीपक जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।