Class 2 के नन्हे धावक ने रचा इतिहास: जन्मदिन पर हाथ में संविधान और तिरंगा लेकर 10 KM दौड़े यथार्थ सम्राट भारतीय

राजनांदगांव, छत्तीसगढ़। एक ओर जहाँ लोग अपने जन्मदिन पर पार्टी करने के लिए बिना किसी उद्देश्य के हजारों-लाखों रुपये खर्च कर देते हैं जिसका सकारात्मक परिणाम कुछ भी नहीं आता। वहीं वेसलियन स्कूल राजनांदगांव में अध्ययनरत क्लास 2 के छात्र यथार्थ सम्राट भारतीय, माता-पिता संदीप-पूनम कोल्हाटकर, निवासी दीनदयाल कालोनी, चिखली ने अपने जीवन के आठवें वर्ष में प्रवेश कर अपना जन्मदिन देश को समर्पित कर दिया।

बचपन से ही अपने सकारात्मक कार्यों से देश में अपनी एक अगल पहचान बनाने वाले नन्हें बालक यथार्थ सम्राट भारतीय ने 21 जनवरी को अपने जन्मदिन के अवसर पर एक बार फिर समाजहित और देशहित में अनोखा कार्य कर इतिहास रच दिया और 8 वर्ष की उम्र में 10 किलोमीटर दौड़ लगाकर छत्तीसगढ़ का कम उम्र का पहला धावक बन गया। भारतवासियों को भारतीय संविधान और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यथार्थ सम्राट भारतीय ने मुक्तिधाम लखोली में स्थापित तथागत बुध्द जी के प्रतिमा को नमन करते हुए बौध्द धम्मगुरु पूज्य भदंत धम्मतप जी से त्रिसरण-पंचशील ग्रहण करने के पश्चात राजनांदगांव शहर के विभिन्न मार्गों से बिना रुके, बिना थके एक हाथ में देश की आन, बान, शान भारतीय संविधान और दूसरे हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर जिला कलेक्टेड परिसर में गणतंत्र के महानायक भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के आदमकद प्रतिमा के समक्ष तक 10 किलोमीटर दौड़कर यह संदेश दिया।

यथार्थ ने यह संदेश दिया कि जिस भारतीय संविधान से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, समाज, धर्म, राजनीति, न्यायपालिका, शासन-प्रशासन, अर्थ व्यवस्था एवं पूरा भारत देश चलता है, जो संविधान देशवासियों को रोटी, कपड़ा, मकान के साथ वोट का अधिकार, स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय का अधिकार प्रदान करता है उस संविधान को लोग पढ़े, जाने और समझे ताकि देशवासियों को अपने अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी हो सके जिससे हम भारत के लोग अपने भारत देश और भारतीय संविधान को और मजबूती प्रदान कर सकें तथा एक स्वच्छ, स्वस्थ और मजबूत भारत का निर्माण कर सकें। साथ ही यथार्थ सम्राट भारतीय ने यह भी संदेश दिया कि लोगों को नशे से दूर रहकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।

यथार्थ सम्राट भारतीय का मानना है मानव जीवन महान और अच्छा कार्य करने के लिए मिला है इस जीवन को मानवता के लिए कार्य कर जीवन को सार्थक मार्ग पर ले जा सकते हैं। यथार्थ सम्राट भारतीय के इस सकारात्मक कार्य और सोच से प्रभावित होकर बौध्द धम्मगुरु जी, जिला कलेक्टर महोदय जी, जिला पुलिस अधीक्षक महोदया जी एवं संस्कार धानी राजनांदगांव के सभी समुदाय के लोगों ने, खेल प्रेमियों ने एवं पत्रकार साथियों ने यथार्थ सम्राट भारतीय को आशीर्वाद प्रदान करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाये किये। यथार्थ ने दौड़ समाप्त करने के पश्चात कलेक्टर महोदय जी और एस. पी. महोदया जी को भारतीय संविधान की किताबें भेंट में दिया।

रिपोर्टर: के. एस. ठाकुर, राजनांदगांव

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