बिलासपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। जस्टिस की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह बड़ा फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान एसीबी (ACB) और ईओडब्ल्यू (EOW) ने जमानत का कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया।
गिरफ्तारी की तलवार और ईओडब्ल्यू का शिकंजा
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में सौम्या चौरसिया को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) भी इस घोटाले में उन्हें अपनी हिरासत में लेने की तैयारी में है। ईओडब्ल्यू ने विशेष अदालत में ‘प्रोडक्शन वारंट’ के लिए आवेदन भी दिया है, जिससे सौम्या की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इसी संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी उन्हें तगड़ा झटका लगा है।
8 जनवरी को टल गई थी सुनवाई
इस मामले में पिछली सुनवाई 8 जनवरी को हुई थी, जहाँ राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था। आज की सुनवाई में सरकार और जांच एजेंसियों ने ठोस दलीलें पेश कीं, जिसके बाद कोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। सौम्या चौरसिया लंबे समय से जेल में हैं और अब ईओडब्ल्यू की कार्रवाई से उनकी रिहाई की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।