रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब परिवहन में प्रयुक्त 16 वाहनों को जब्त किया है। ये वाहन वेलकम डिस्टिलरी, कोटा बिलासपुर और भाटिया वाइंस डिस्टिलरी, सरगांव मुंगेली से जब्त किए गए हैं।
डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर यह पाया गया है कि इन वाहनों का उपयोग अवैध शराब (पार्ट-बी) के परिवहन में किया जाता था। इनके माध्यम से डिस्टिलरियों से सीधे चयनित शासकीय शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाई जाती थी। इस कार्य के लिए डिस्टिलरी मालिकों द्वारा अपनी कंपनियों, कर्मचारियों और भरोसेमंद व्यक्तियों के नाम से खरीदी गई गाड़ियों का उपयोग किया जाता था।
विवेचना में वेलकम डिस्टिलरी से आठ और भाटिया वाइंस डिस्टिलरी से आठ वाहन चिह्नित कर जब्त किए गए हैं। केडिया डिस्टिलरी में भी इस कार्य के लिए निजी गाड़ियों के उपयोग के संबंध में जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो, रायपुर द्वारा विवेचनाधीन शराब घोटाला प्रकरण (अपराध क्रमांक 04/2024) के तहत धारा 7, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) तथा धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है।
जांच में प्राप्त डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर यह स्थापित हुआ है कि अवैध शराब का परिवहन डिस्टिलरियों से सीधे चयनित शासकीय देशी शराब दुकानों तक कराया जाता था, जिसमें कुछ निर्धारित वाहनों का बार-बार उपयोग किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया है कि केडिया डिस्टिलरी में भी इस कार्य के लिए निजी गाड़ियों का उपयोग किया गया था। उन गाड़ियों के स्वामित्व एवं उपयोग के संबंध में पृथक रूप से जांच जारी है। ब्यूरो द्वारा इस प्रकरण में आगे की विवेचना एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है।
