खल्लारी रोपवे हादसा: वेंटिलेटर पर संघर्ष कर रहे घायल गोविंद स्वामी ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या बढ़कर हुई दो

महासमुंद। खल्लारी मंदिर में हुए भीषण रोपवे हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु गोविंद स्वामी (47) का मंगलवार रात करीब 9 बजे निधन हो गया। वे अस्पताल में वेंटिलेटर पर थे और पिछले दो दिनों से जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले शिक्षिका आयुषी धावरे की मौत हो गई थी।

यह हादसा रविवार, 22 मार्च की सुबह उस वक्त हुआ जब रायपुर के राजातालाब क्षेत्र से आए श्रद्धालु माता के दर्शन कर रोपवे ट्रॉली से नीचे लौट रहे थे। अचानक रोपवे का केबल टूटने से एक ट्रॉली अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जबकि दूसरी ट्रॉली स्टेशन से टकरा गई। इस घटना में कुल 16 श्रद्धालु घायल हुए थे। मृतकों में शामिल आयुषी पाटन के आत्मानंद स्कूल में शिक्षिका थीं, जिनकी शादी महज 4 महीने पहले हुई थी। वहीं, मृतक गोविंद स्वामी की पत्नी नमिता स्वामी और बेटी अंशमिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है।

प्रशासन की सख्ती और एफआईआर दर्ज

हादसे की प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन के निर्देश पर मां खल्लारी देवी ट्रस्ट ने रोपवे संचालक कंपनी ‘रोपवे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता’ और स्थानीय कर्मचारियों के खिलाफ खल्लारी थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी बीरबल जंघेल और रामेश्वर यादव सहित कंपनी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण कायम किया है।

घायलों का उपचार जारी

हादसे में घायल हुए अन्य सदस्यों, जिनमें आयुषी के पति ऋषभ धावरे और परिवार के अन्य लोग शामिल हैं, उनका इलाज रायपुर के अस्पताल में चल रहा है। बागबाहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती 8 अन्य लोगों को स्थिति में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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