हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे ‘कामदा एकादशी’ कहा जाता है, आज 29 मार्च को श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है। मान्यता है कि यह एकादशी भक्तों की समस्त भौतिक और आध्यात्मिक कामनाओं को सिद्ध करने वाली होती है। साल 2026 की यह एकादशी ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद असाधारण मानी जा रही है, क्योंकि आज आकाश मंडल में कई दुर्लभ योगों का मिलन हो रहा है।
ग्रहों की विशेष जुगलबंदी और शुभ योग ज्योतिष गणना के अनुसार, आज चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में विराजमान हैं, जिससे ‘गौरी योग’ का निर्माण हो रहा है। यह योग पारिवारिक सुख और मानसिक शांति के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अतिरिक्त, कुंभ राशि में मंगल, बुध और राहु की मौजूदगी से ‘त्रिग्रही योग’ बन रहा है, जो जातकों के जीवन में अप्रत्याशित सफलता और सकारात्मक बदलाव के द्वार खोल सकता है।
पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त आज भगवान विष्णु की आराधना के लिए दो मुख्य समय बताए गए हैं। सुबह का मुहूर्त भोर 4:42 बजे से 6:15 बजे तक था। यदि आप सुबह की पूजा चूक गए हैं, तो दोपहर में 12:01 बजे से 12:51 बजे तक की ’50 मिनट की विशेष घड़ी’ पूजा के लिए सर्वोत्तम है। इस शुभ अंतराल में की गई प्रार्थना का फल अनंत गुना बढ़ जाता है।
व्रत की विधि और लाभ कामदा एकादशी के दिन श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी के संयुक्त पूजन का विधान है। भक्त आज वेदी स्थापित कर उस पर फल, पुष्प और विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें। ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का मानसिक जाप करते हुए व्रत कथा का श्रवण करना चाहिए। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन निष्काम भाव से किया गया उपवास न केवल पापों का शमन करता है, बल्कि आर्थिक तंगहाली से भी मुक्ति दिलाता है।