सक्ती। सक्ती रेलवे स्टेशन पर लंबे इंतजार के बाद गोंडवाना एक्सप्रेस के ठहराव (स्टापेज) की शुरुआत हो गई है। इस नई सुविधा से अब सक्ती के नागरिकों को रायपुर, नागपुर, भोपाल और दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों के लिए सीधी और सुलभ रेल सेवा प्राप्त हो रही है। इस उपलब्धि के लिए सक्ती के लोगों ने एक लंबा संघर्ष किया था।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने डॉ. महंत के योगदान को सराहा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता गिरधर जायसवाल ने इस सुविधा के लिए स्थानीय सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े की प्रशंसा की, लेकिन साथ ही जोर देकर कहा कि इस बड़ी उपलब्धि के पीछे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और कोरबा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत का महत्वपूर्ण योगदान है। श्री जायसवाल ने स्पष्ट किया कि सक्ती को जिला बनाने के कारण ही आज गोंडवाना एक्सप्रेस का ठहराव संभव हो पाया है।
जिला निर्माण और रेल सुविधा का गहरा संबंध
श्री जायसवाल ने अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से ही सक्ती को जिला बनाने की मांग उठ रही थी। भाजपा शासनकाल के दौरान प्रतिनिधिमंडलों ने कई बार प्रयास किए और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चुनावी सभा में जिला बनाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन तीसरी बार सरकार बनने के बाद भी जिला नहीं बनाया गया।
डॉ. महंत की पहल से बना जिला
2018 में जब डॉ. चरणदास महंत सक्ती से विधायक बने और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई, तब सक्ती को जिला बनाया गया। श्री जायसवाल ने कहा, “सक्ती के जिला बनने की वजह से ही आज गोंडवाना एक्सप्रेस का ठहराव मिला है। यदि जिला नहीं बनता, तो शायद यह ठहराव भी नहीं मिलता।” उन्होंने सांसद के प्रयासों को निमित्त मात्र बताते हुए मुख्य श्रेय डॉ. चरणदास महंत की दूरगामी सोच और मेहनत को दिया।