देवकर CMO की तानाशाही के खिलाफ बेमेतरा के पत्रकारों ने खोला मोर्चा: एसपी से शिकायत, सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग

बेमेतरा :_22/01/2026: जिला बेमेतरा के समस्त पत्रकार गण (प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) क्षेत्र में हो रहे निर्माण कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में जब भी पत्रकारों द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) से जानकारी लेने या उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जाता है, तो उनका व्यवहार अत्यंत नकारात्मक और अशोभनीय रहता है।

अमर्यादित व्यवहार: CMO देवकर, केशवराम साहू द्वारा जानकारी देने के बजाय पत्रकारों के साथ अभद्रता की जाती है। पत्रकारों को धमकाते हुए कहते है “जो छापना है छाप दो” या “चुनाव लड़ लो” जैसी राजनीतिक और जनर्गल टिप्पणियाँ कर पत्रकारों को उकसाने का प्रयास करते हैं।

पत्रकारों ने एस पी से शिकायत करते कहा वह अधिकारी
साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करा सकता है। आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यालय में होने वाली वार्तालाप को सीसीटीवी में ‘म्यूट वॉयस मोड’ पर रिकॉर्ड किया जाता है, ताकि केवल विजुअल रिकॉर्ड रहे और ऑडियो साक्ष्य न मिल सके।
इसका उपयोग वे पत्रकारों को फँसाने और अपना पक्ष मजबूत करने के लिए करते हैं।

जिला स्तरीय पत्रकारों ने अधिकारी पर आरोप लगाते कहा कि इस बात की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए अधिकारी अनियमितता और मनमानी कर रहा है। देवकर के गौरव पथ में आरसीसी नाली निर्माण में अनियमितता की गई है जिसकी शिकायत पर पूर्व में जाँच टीम गठित की गई थी। जाँच लंबित होने के बावजूद CMO द्वारा नाली का मेजरमेंट कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पत्रकारों ने इस एसएसपी से पत्रकारों की सुरक्षा की मांग करते कहा कि पत्रकारों पर अनुचित कार्रवाई: की जा रही है ।जब पत्रकारों ने उक्त भुगतान के संबंध में जानकारी माँगी, तो CMO ने न केवल जानकारी देने से इनकार किया, बल्कि उनके विरुद्ध स्थानीय चौकी में एफ.आई.आर. भी दर्ज करा दी।

पत्रकारों ने एसएसपी से चर्चा करते बताया कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। सार्वजनिक निकायों में पारदर्शिता लाना और ‘भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाना हमारा नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। अधिकारी का ऐसा तानाशाही
व्यवहार न केवल प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है, बल्कि विकास कार्यों में बाधक भी है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि: उक्त अधिकारी की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज कराई गई दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को निरस्त कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। संबंधित अधिकारी के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उनका स्थानांतरण किया जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *