जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट में फिर ओपन, 1 अप्रैल को फाइनल हियरिंग; अमित जोगी बोले- ‘जीत सत्य की होगी’

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ का सबसे चर्चित ‘रामावतार जग्गी हत्याकांड’ एक बार फिर कानूनी गलियारों में सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद बुधवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अंतिम सुनवाई (Final Hearing) के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की है।अमित जोगी का बयान: ‘ईश्वर पर भरोसा, प्रार्थना करें’मामले के रिओपन होने पर जेसीसीजे (JCCJ) नेता अमित जोगी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा, “दो दशक पुराने फैसले के खिलाफ अपील पर सुनवाई होगी। मुझे पूरा विश्वास है कि सत्य की जीत होगी। ईश्वर हमेशा मेरे साथ रहा है।” उन्होंने समर्थकों से अपने और परिवार के लिए दुआएं मांगने की भी अपील की है।क्यों दोबारा खुला 23 साल पुराना केस?दरअसल, साल 2003 में एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 आरोपी थे, जिनमें से 28 को सजा हुई थी, लेकिन अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट का दखल: सीबीआई और सतीश जग्गी (रामावतार जग्गी के बेटे) की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को वापस हाईकोर्ट भेजा है ताकि इसकी ‘मेरिट’ पर विस्तार से फिर से सुनवाई हो सके।साजिश का आरोप: सतीश जग्गी के वकीलों का तर्क है कि यह हत्या तत्कालीन सत्ता के संरक्षण में रची गई एक गहरी साजिश थी और सबूतों को रसूख के दम पर मिटाया गया था।1 अप्रैल को क्या होगा?अगली सुनवाई में CBI, राज्य सरकार और अमित जोगी अपना-अपना पक्ष रखेंगे। कानूनी विशेषज्ञों की मानें तो केस रिओपन होने से समीकरण बदल सकते हैं। जग्गी हत्याकांड न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति का एक ऐसा पन्ना है जिसने दो दशकों तक सूबे की सियासत को प्रभावित किया है।इस खबर के लिए ‘Quick Tool’5 छोटे हेडर:जग्गी मर्डर केस: 1 अप्रैल को आर-पार की जंगअमित जोगी की बढ़ी टेंशन, हाईकोर्ट में फिर खुला केसजग्गी हत्याकांड: ‘सत्य की होगी जीत’ – अमित जोगीसुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट में फाइनल हियरिंग तय23 साल बाद फिर खुलेगा जग्गी हत्याकांड का राज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *