बिलासपुर में अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा विधानसभा में गूंजा, मुख्यमंत्री ने दिए जांच के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन बिलासपुर जिले में अवैध रूप से स्थापित मोबाइल टावरों का मामला सदन में प्रमुखता से उठा। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने इस विषय पर सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए अवैध टावरों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी।

विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल किया कि मोबाइल टावर लगाने के लिए आवेदन किस विभाग द्वारा स्वीकार किए जाते हैं और विभिन्न सेवा प्रदाता कंपनियों से अब तक कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब देते हुए बताया कि टावर लगाने की प्रक्रिया अब ऑनलाइन है। इसके लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित राइट ऑफ वे पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

सदन में जानकारी दी गई कि वर्ष 2024 से जनवरी 2026 तक कुल 426 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 18 आवेदनों को अनुमति दी जा चुकी है, जबकि 246 आवेदन निजी भूमि से संबंधित होने के कारण सेवा प्रदाताओं को आवश्यक सूचनाएं भेजी गई हैं।

चर्चा के दौरान जब विधायक ने अवैध रूप से लगे टावरों पर कार्रवाई को लेकर सवाल किया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि कहीं अवैध टावर लगे हैं, तो उसकी लिखित जानकारी उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्राप्त जानकारी के आधार पर मामले का परीक्षण कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


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