दुबई/कुवैत सिटी। पश्चिम एशिया में जारी जंग अब और भी खतरनाक मोड़ ले चुकी है। मंगलवार, 31 मार्च 2026 की तड़के ईरानी सेना ने कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के विशाल कच्चे तेल के टैंकर ‘अल-साल्मी’ पर सीधा हमला कर दिया। यह हमला उस वक्त हुआ जब जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई पोर्ट के एंकरेज एरिया में खड़ा था।
आधी रात को दहला समंदर: जहाज में लगी आग
कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह हमला मंगलवार देर रात करीब 12:10 बजे हुआ। ‘अल-साल्मी’ उस वक्त तेल से पूरी तरह लदा हुआ था। हमले के कारण जहाज के बाहरी हिस्से (Hull) को भारी नुकसान पहुँचा है और उसमें आग लग गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में चालक दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ है, लेकिन बड़े पैमाने पर तेल रिसाव (Oil Spill) का खतरा मंडरा रहा है, जिससे समुद्री पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है।
इमरजेंसी टीमें तैनात, राहत कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद अग्निशमन और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल टीम स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने और तेल रिसाव को रोकने की कोशिशों में जुटी है। जहाज को हुए तकनीकी नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है।
कुवैत पर ईरान के बढ़ते हमले: एक भारतीय की भी गई जान
ईरान की ओर से कुवैत को निशाना बनाने का यह दूसरा बड़ा मामला है।
डीसैलिनेशन प्लांट पर हमला: इससे ठीक एक दिन पहले सोमवार को ईरान ने कुवैत के एक पावर एंड वाटर डीसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया था।
भारतीय नागरिक की मौत: इस हमले में दुर्भाग्यवश एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। इसके साथ ही इस युद्ध में जान गंवाने वाले भारतीयों की कुल संख्या अब 8 हो गई है। कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने इस दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
ईरान का इनकार और इजराइल पर आरोप
हैरानी की बात यह है कि ईरान इन हमलों की जिम्मेदारी लेने से बच रहा है। ईरानी सेना के ऑपरेशनल कमांड ‘खतम अल-अनबिया’ ने डीसैलिनेशन प्लांट पर हुए हमले को इजराइल की साजिश करार दिया है। ईरान का दावा है कि इजराइल उसे बदनाम करने के लिए ऐसी हरकतें कर रहा है।
खतरे की घंटी: खाड़ी क्षेत्र में तेल के जहाजों और नागरिक सुविधाओं पर हो रहे इन हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।