दिल्ली/जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के चुनाव कराने का महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि बार काउंसिल के चुनाव 30 अप्रैल 2026 से पहले संपन्न कराए जाएं। इन चुनावों की पूरी प्रक्रिया की निगरानी और संचालन के लिए एक हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्टेट बार काउंसिल का मूल कार्यकाल अक्टूबर 2025 में ही समाप्त हो चुका है और वर्तमान में यह विस्तारित अवधि पर चल रहा है। इस संबंध में अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल किया था। आवेदन में तर्क दिया गया था कि अधिवक्ता अधिनियम 1961 की धारा 8 के तहत चुनाव कराने के लिए पूर्व में छह माह का समय बढ़ाया गया था, इसके बावजूद अब तक निर्वाचन प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है।
4 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस देरी पर सख्त रुख अपनाया और निर्धारित समय सीमा के भीतर चुनाव कराने को कहा। कोर्ट के इस फैसले के बाद संभावित प्रत्याशियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीदवारों ने प्रदेश भर के न्यायालयों में अधिवक्ताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
इस बार का चुनाव कई मायनों में खास होगा। बार काउंसिल में कुल 25 सदस्यों का चयन किया जाना है। जानकारी के अनुसार, इस चुनाव में पहली बार महिला आरक्षण का प्रावधान भी लागू हो सकता है, जिसके तहत 30 प्रतिशत पद महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रखे जा सकते हैं।