Inflation India 2026 : नई दिल्ली। आम आदमी की रसोई के बजट पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। फरवरी 2026 के लिए जारी सरकारी आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 2.13% पर पहुंच गई है, जो जनवरी में 1.81% थी।
क्यों बढ़ रही है महंगाई?
मंत्रालय के मुताबिक, महंगाई में इस उछाल की मुख्य वजह बेसिक मेटल्स, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स और टेक्सटाइल्स की कीमतों में हुई बढ़ोतरी है। हालांकि सब्जियों के दामों में मामूली गिरावट आई है, लेकिन खाद्य सूचकांक (WPI Food Index) अभी भी 1.85% पर बना हुआ है, जो पिछले महीने की तुलना में अधिक है।
इन 5 राज्यों में सबसे ज्यादा असर
देश के बड़े राज्यों में महंगाई का ग्राफ अलग-अलग रहा है। 50 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों की तुलना में इन 5 प्रदेशों में जनता सबसे ज्यादा महंगाई झेल रही है:
- तेलंगाना
- राजस्थान
- केरल
- आंध्र प्रदेश
- पश्चिम बंगाल
थाली का गणित: कहां राहत, कहां आफत?
रिटेल यानी खुदरा महंगाई (CPI) भी फरवरी में 3.21% दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई का असर (3.37%) शहरों (3.02%) के मुकाबले अधिक देखा गया है।
| वस्तु | स्थिति | प्रभाव |
| सब्जियां (मटर, गोभी, टमाटर) | 10% सस्ती | थोड़ी राहत |
| मैन्युफैक्चरिंग गुड्स | कीमतें बढ़ीं | जेब पर बोझ |
| खाद्य सूचकांक (CFPI) | 3.47% बढ़ा | थाली महंगी हुई |
कौन जारी करता है ये रिपोर्ट?
भारत में थोक महंगाई (WPI) के आंकड़े उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा हर महीने की 14 तारीख को जारी किए जाते हैं। वहीं, खुदरा महंगाई (CPI) का ब्योरा सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय पेश करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में आम उपभोक्ता के लिए सामान और महंगा हो सकता है।