नई दिल्ली: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय पर हो रहे बर्बर हमलों को लेकर भारत सरकार ने अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पिछले मात्र 18 दिनों के भीतर 5 हिंदुओं की नृशंस हत्या और महिलाओं के साथ बढ़ती दरिंदगी की घटनाओं ने भारत की चिंता और नाराजगी को चरम पर पहुँचा दिया है। विदेश मंत्रालय ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि इन हमलों को तुरंत रोका जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
‘अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे बांग्लादेश’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस वार्ता में बांग्लादेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को “व्यक्तिगत रंजिश” या “राजनीतिक मतभेद” का नाम देकर नजरअंदाज करना खतरनाक है। इस तरह की अनदेखी से न केवल कट्टरपंथियों का हौसला बढ़ रहा है, बल्कि अल्पसंख्यकों के मन में डर और असुरक्षा की भावना घर कर गई है।
प्रमुख चिंताजनक बिंदु:
लगातार हत्याएं: पिछले 18 दिनों में 5 हिंदू नागरिकों की मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा हत्या।
महिलाओं पर अत्याचार: हिंदू महिलाओं के खिलाफ बढ़ती दरिंदगी और शारीरिक शोषण के मामले।
निशाने पर व्यवसाय: अल्पसंख्यकों के घरों और दुकानों को चुन-चुनकर बनाया जा रहा निशाना।
चुनाव पूर्व हिंसा: 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव चरम पर।
डिप्लोमैटिक रिश्तों में बढ़ी कड़वाहट
भारत ने बांग्लादेश में फैलाए जा रहे ‘भारत-विरोधी झूठे नैरेटिव’ को भी सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय राजनयिक मिशनों पर हमलों और सुरक्षा में चूक को लेकर भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पूरी तरह से यूनुस सरकार की जिम्मेदारी है। मौजूदा स्थिति ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में भारी तनाव पैदा कर दिया है।