पुएर्तो वालार्ता
दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफिया और फेंटानिल के कुख्यात सौदागर अल मेंचो की मौत के बाद मेक्सिको में भीषण हिंसा भड़क उठी है। सेना और ड्रग्स कार्टेल के बीच छिड़ी इस जंग ने देश के 14 राज्यों को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। जलिस्को से लेकर पुएर्तो वालार्ता तक के हालात गृहयुद्ध जैसे हो गए हैं, जिसे देखते हुए भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों के लिए इमरजेंसी एडवायजरी जारी कर दी है।
सेना का बड़ा ऑपरेशन और अमेरिका का दबाव
जानकारी के अनुसार, अमेरिकी दबाव और खुफिया जानकारी के आधार पर मेक्सिकन सेना ने एक विशेष ऑपरेशन चलाया था, जिसमें 1.5 करोड़ डॉलर का इनामी ड्रग लॉर्ड अल मेंचो मारा गया। इस कार्रवाई के बाद मेक्सिको के प्रमुख पर्यटन स्थल युद्ध के मैदान में तब्दील हो गए हैं। ड्रग्स कार्टेल ने अपने सरगना की मौत का बदला लेने के लिए ‘नार्को-ब्लॉकेड’ शुरू कर दिया है, जिसके तहत सड़कों पर आगजनी कर शहरों को बंधक बना लिया गया है।
आसमान से सेना का प्रहार और जमीनी दहशत
हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए मेक्सिकन मिलिट्री ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टरों का सहारा ले रही है और गैंग के गुर्गों पर आसमान से कार्रवाई की जा रही है। पुएर्तो वालार्ता शहर इस समय काले धुएं की चादर में लिपटा हुआ है। जलिस्को कार्टेल (CJNG) के हथियारबंद लड़ाकों ने दर्जनों गाड़ियों, पेट्रोल पंपों और इमारतों को आग के हवाले कर दिया है। सीसीटीवी फुटेज में नकाबपोश हमलावर कर्मचारियों को धमकाकर गैस स्टेशनों को जलाते हुए देखे गए हैं।
पर्यटकों में अफरा-तफरी और उड़ानें रद्द
इस भारी हिंसा के कारण ग्वाडलहारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई हवाई अड्डों पर परिचालन ठप हो गया है। उड़ानें रद्द होने से बड़ी संख्या में सैलानी वहां फंस गए हैं और अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। जिसे कल तक खूबसूरत टूरिस्ट पैराडाइज माना जाता था, वह आज पूरी तरह वॉर जोन में बदल चुका है। सेना और कार्टेल के बीच जारी इस खूनी संघर्ष ने पूरे मेक्सिको में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
