चीन की चाल का भारत देगा मुंहतोड़ जवाब : अब सरहद पर तैनात होंगे रोबोटिक सैनिक

Robot Soldiers : नागपुर: भारत के सीमा सुरक्षा के इतिहास म एक नवा अध्याय जुड़े बर जावत हे। अब हिमालय के ओ दुर्गम चोटी मन म, जिहां सांस लेना घलो मुस्किल हे अउ तापमान -40 डिग्री ले नीचे गिर जाथे, ओती हमर हाड़-मांस के जवान मन के संग ‘रोबोटिक सैनिक’ गस्त करहीं। महाराष्ट्र के नागपुर म शनिवार के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अउ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ह ‘सोलर रोबोटिक्स अउ यूएवी विनिर्माण परियोजना’ के भूमिपूजन करिन। ए प्लांट म अइसन अत्याधुनिक रोबोट अउ ड्रोन (UAV) बनाय जाही, जेमन दुनिया के सबसे कठिन युद्ध क्षेत्र सियाचिन अउ लद्दाख म दुश्मन के हर हरकत ऊपर नजर राखहीं।

चीन के चालबाजी के जवाब: भारत घलो तइयार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ह भूमिपूजन के बेरा म एक बड़े खुलासा करिन। ओमन बताइन कि पिछला तीन-चार महीना ले लद्दाख अउ चीन सीमा म भारतीय जवान मन ला ओ पार चीनी सैनिक मन के जगह रोबोट गस्त करत दिखत हें। चीन ह अपन सैनिक मन ला जोखिम ले बचाय बर तकनीक के सहारा लेवत हे। एला देखत हुए भारत ह घलो नागपुर म अपन खुद के ‘रोबोटिक जवान’ बनाय के फैसला करे हे। ए रोबोट मन ला खास तौर ले अइसन डिजाइन करे जाही कि ओमन कड़ाके के ठंड, बर्फीला तूफान अउ पथरीला रस्ता म घलो बिना थके काम कर सकें।

12 हजार करोड़ के ‘डिफेंस हब’ ले बदलही नागपुर के सूरत

नागपुर के मिहान-SEZ क्षेत्र म सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड (SDAL) डहर ले ए यूनिट ला स्थापित करे जावत हे। एमा लगभग 12,000 करोड़ रुपया के निवेश करे जाही। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ह कहिन कि नागपुर अब देस के एक बड़े ‘डिफेंस हब’ के रूप म उभरत हे। इहां बने हथियार अउ रोबोट मन ले भारत ह रक्षा क्षेत्र म आत्मनिर्भर बनही। ओमन जोर देके कहिन कि भारत के मकसद कोनो ऊपर हमला करना नइ हे, बल्कि शांति बनाय रखे बर खुद ला ताकतवर बनाना हे।

अगले साल ले तैनात होही पहिली टुकड़ी

सोलर ग्रुप के अध्यक्ष सत्यनारायण नुवाल ह बताइन कि प्रोजेक्ट ऊपर काम तेज गति ले चलत हे। अगले एक साल के भीतर रोबोट के पहिली ‘प्रोटोटाइप’ (नमूना) बनके तैयार हो जाही। ए रोबोट मन म आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अउ सेंसर लगे राही, जेकर ले ओमन रात के अंधियारी म घलो दुश्मन ला पहचान सकहीं। एखर ले सरहद म तैनात हमर सैनिक मन ला राहत मिलही अउ जान-माल के नुकसान ला घलो कम करे जा सकही।

ए परियोजना ह महाराष्ट्र सरकार के ‘डिफेंस अउ एयरोस्पेस नीति’ के तहत एक बड़े उपलब्धि आय, जेकर ले हजारों युवा मन ला रोजगार घलो मिलही।

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