◾भारी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाएं भी शामिल हुई◾◾आज की जनधारा ने लगातार ध्यान आकृष्ट कराते रहा है◾दिलीप गुप्ता सरायपाली। सागरपाली के ग्रामीणों द्वारा विगत कई वर्षों से सड़क सुदृढ़ीकरण किए जाने की मांग लगातार की जा रही थी । इस मार्ग के डामरीकरण व जगह जगह हो चुके गड्ढों को भरे जाने व सागरपाली में मुख्यमार्ग पर लगभग 1000 मीटर तक नाली के अभाव में सड़क में ही पानी भर जाने से हो रही परेशानियों से त्रस्त ग्रामवासियों द्वारा आज बीच चौक में सुबह 9 बजे से सैकड़ों की संख्या में सुबह से ही धरना स्थल पर आने लग गए थे ।

सबसे अहम बात यह रही कि सागरपाली के सभी व्यवसायियों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानों को बंद रखकर आंदोलन में शामिल हुवे । आज पूरा गांव विरोधस्वरूप बंद दिखा । ग्राम में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखे जाने हेतु सरायपाली के टीआई नितेश ठाकुर अपने पुलिस बल के साथ सुबह से ही व्यवस्था संभालने मौजूद थे । लगभग 12 बजे एसडीओपी ललिता मेहर भी ग्राम सागरपाली पहुंच कर स्थिति की जानकारी ली । धरना स्थल में आंदोलनरत ग्रामीणों द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुवे पूरी सड़क पर पंडाल लगाकर सड़क बंद कर आवागमन को प्रभावित करवड़े थे पर टीआई नितेश ठाकुर द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद चक्काजाम नहीं हो पाता था ।

धरना स्थानीय विधायक के नेतृत्व मे आयोजित गया था किंतु लगभग 12 तक विधायक व्यवस्तता के कारण नहीं पहुंच पाई थी । इस बीच धरना स्थल पर बैठे ग्रामीणजनों ने सरकार व संबंधित अधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त करते हुवे कहा कि उनसे चर्चा करने कोई भी नहीं आया । अनेक ग्रामीणजनो व जनप्रतिनिधियों ने सरायपाली विधानसभा के सत्ताधारी नेताओं पर भी नाराजगी व्यक्त की कि कोई भी भाजपा नेताओं ने उनकी बात सुनने ग्राम नहीं पहुंचे ।इस संबंध में आंदोलनकारियों ने बताया कि सरायपाली से सरसीवाँ मार्ग अत्यंत जर्जर हो जाने के कारण आवागमन में हो रही परेशानियों व दिक्कतों को देखते हुवे सागरपाली के विभिन्न जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणजनों द्वारा कल 26 मार्च से ग्राम के मुख्य चौक पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था ।

इस संबंध में सन्तोषिनी मुन्ना अग्रवाल ( जनपद सदस्य ) , दिलीप पटेल , नरेंद्र पटेल , सुभाष पटेल , मुन्ना अग्रवाल , मुरली अग्रवाल के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणजनों ने एक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन चातुरी नंद ( विधायक ) , अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बसना , एसडीओ लोक निर्माण बसना को सौंपते हुवे कहा था कि सरायपाली से सरसींवा मार्ग अत्यंत जर्जर हो चुका है , अनेक स्थानों पर डामर उखड़ गया है तो वहीं बड़े बड़े गड्ढे भी हो जाएं है । सागरपाली इस क्षेत्र का एक प्रमुख व्यवसायिक , किसानी व चिकित्सकीय क्षेत्र के साथ साथ प्रमुख मार्ग भी है । इस सड़क के सुदृढ़ीकरण हेतु अनेकों बार संबंधित अधिकारियों , विभिन्न जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों तक को समस्याओं व आवश्यकताओं से अवगत कराया गया था किंतु कभी भी इस दिशा में सरकार द्वारा सार्थक प्रयास नहीं किया गया । जिससे आज वर्षों बाद भी यह मार्ग उपेक्षित है ।सड़क के अभाव में आवागमन , व्यवसायिक व किसानी गतिविधियां प्रभावित हो रही है । सरायपाली से सरसीवाँ तक 40किलोमीटर की अत्यंत जर्जर के सुदृढ़ीकरण वी डामरीकरण किए जाने हेतु जब चारों तरफ से निराशा हाथ लगने से आक्रोशित जनता व जनप्रतिनिधियों को अब सड़क पर आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । इसे ध्यान में रखते हुवे आज 26 मार्च से मुख्य चौक पर सुबह 9 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल किए जाने हेतु मजबूर होना पड़ रहा है। विगत दिनों वित्त मंत्री ओपी चौधरी का सागरपाली आगमन हुआ था उन्हें भी इस समस्याओं से अवगत कराया गया था उन्होंने आश्वासन भी दिया था किंतु मंत्री जी का आश्वासन भी कोई काम नहीं आया था । । ज्ञातव्य हो कि सरायपाली से सरसीवाँ मार्ग के निर्माण हेतु ग्रामीणों की आवाजों को ” आज की जनधारा” द्वारा समाचारों के माध्यम से लगातार प्रकाशित कर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचता रहा है । इसी के चलते विगत वर्षा ऋतु में समाचारों के असर के चलते लोक निर्माण विभाग द्वारा सुधार कार्य प्रारंभ किया गया था जिससे ग्रामीणजनों। काफी राहत मिली थी व यातायात भी सुचारू रूप से चल रहा था । इस संबंध में विभागीय तौर पर मिली जानकारी के अनुसार सरायपाली से डोंगरिपाली सीमा तक 22 किलोमीटर तक सड़क निर्माण किये जाने हेतु प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज गया है किंतु महीनों बीत जाने के बाद भी इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाने के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इस प्रस्ताव में सागरपाली के इस 1000 मीटर सड़क को सीमेंट से बनाये जाने का प्रस्ताव भी किया गया है। सागरपाली का यह 1000 मीटर के क्षेत्र गर्मी व ठंड में धूल से तो बरसात में सड़क डबरी में हुई तब्दील हो जाती है सड़को में पानी भर जाने के बाद डबरी का रूप ले लिए जाने से यातायात काफी खतरनाक रूप से प्रभावित हो जाता है। अब दो माह बाद फिर वर्षा ऋतु का आगमन होगा पुरानी समस्याओं से फिर ग्रामवासियों को भी पुरानी परेशानियों से जूझना पड़ेगा ।यह क्षेत्र नीचे होने व पानी की निकासी के अभाव में बरसात का पानी बाहर नहीं निकल पाने की वजह से सड़क में ही पानी एकत्र हो जाता है। वही सड़क किनारे नाली तो है पर दुकानदारों द्वारा नाली को पाट दिए जाने व पट जाने से भी पानी की निकासी में समस्या आ रही है। इस समस्या से सागरपाली वासी आज से नहीं वर्षों से पीड़ित है। अनेकों बार उस सड़क को ऊंचा किये जाने व स्थायी समाधान के लिए कितनी बार विभाग को पत्र लिखा गया । विधायक ने भी त्वरित समाधान निकालने के लिए प्रयास किया, समाधान शिविरों में भी गुहार लगाई गई, विगत दिनों सागरपाली प्रवास पर आए वित्तमंत्री ओपी चौधरी को भी अवगत कराया गया। किंतु स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।