दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली न्यायालय के अंतर्गत दो विभिन्न आरोपों में दो आरोपियों को माननीय न्यायालय द्वारा आरोप सिद्ध पाये जाने के बाद 10-10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है ।
न्यायालय के अतिरिक्त लोक अभियोजक जे के पटेल ने जानकारीवदेते हुवे बताया कि विगत् दिनों सरायपाली के दो गंभीर एवं बहुचर्चित प्रकरणों में आरोपीयों के विरूद्ध अपराध सिध्द पाते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती वदंना दीपक देवागंन सरायपाली के न्यायालय में आरक्षी केन्द्र बसना के आरोपी दशरथ भोई निवासी गिधली थाना बसना के विरूद्ध पंजीबध्द पीडिता के साथ बल्तासंग के अपराध में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास से दण्डित किया गया । दशरथ भोई ने दिनांक 23/11/2019 को घटित अपराध किया था । महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते हुए अपराध व समाज पर पडने वाले प्रभाव को दोषसिध्दी के समय विचार किया गया।
एक अन्य प्रकरण शासन विरूद्ध दाशरथी विशाल निवासी ग्राम भोथलडीह के विरूद्ध थाना सरायपाली में पंजीबध्द धारा 307 भा.द.स. के अपराध में दोषी पाते हुए द्वितीय अपर सत्र न्यायालय न्यायाधीश श्री पंकज आलोक तिर्की के न्यायालय द्वारा आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। उक्त प्रकरण में आरोपी घटना के अगले दिन दिनांक 22/11/2021 से दण्डादेश दिनांक 13/03/2021 तक 4 वर्ष 3 माह 19 दिन से जेल में ही था।
उक्त दोनों प्रकरणों में शासन की ओर से लोक सहायक अभियोजक जे के पटेल द्वारा पैरवी की गई थी ।
ज्ञातव्य हो कि सरायपाली न्यायालय में सरायपाली , सिंघोड़ा व बलौदा थाना क्षेत्र में घटित अपराधों लिप्त प्रकरणों को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने के बाद मामलों की गंभीरता को देखते हुवे व घटित हो रहे घटनाओ से समाज में गलत संदेश जाने व अपराधों को रोके जाने के उदेश्य से विभिन्न न्यायालयों द्वारा भी प्रकरणों का त्वरित्व निराकरण किया जा रहा है । जिसके चलते गांजा , मादक पदार्थों व अन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों व समाज में कानून का डर का माहौल भी बना हुआ है ।
सरायपाली न्यायालय के दो बहुचर्चित प्रकरणों में दो आरोपियों को 10-10 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा

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Mar