नई दिल्ली। द्वारका में हुए सड़क हादसे की जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस दुर्घटना में 23 वर्षीय साहिल दिनेशरा की मृत्यु हो गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती प्राथमिकी में आरोपी की उम्र 19 वर्ष दर्ज की गई थी, लेकिन दस्तावेजों की गहन जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि आरोपी नाबालिग है। नाबालिग होने की पुष्टि होते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपी की असली उम्र का पता चला है। इसके बाद मामले की पूरी कानूनी प्रक्रिया बाल न्याय प्रणाली के तहत बदल दी गई है। इस प्रकरण में पुलिस ने आरोपी के पिता, जो द्वारका में ट्रांसपोर्टर हैं, उन्हें भी नोटिस जारी कर जांच में शामिल किया। पिता को करीब 24 घंटे हिरासत में रखकर पूछताछ की गई और बयान दर्ज करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अब इस मामले में आरोपी के पिता के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199A के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई नाबालिग अपने अभिभावक की गाड़ी से दुर्घटना करता है, तो उसके लिए अभिभावक को भी उत्तरदायी माना जाता है। पुलिस अब चार्जशीट में इस धारा को जोड़ने की तैयारी कर रही है, जिसके आधार पर कोर्ट सजा या जुर्माने का फैसला करेगा। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।