बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने इंडियन बैंक, दोंदेखुर्द (रायपुर) के पूर्व शाखा प्रबंधक नियोजित विश्वास की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी पर मुद्रा योजना के तहत खाताधारकों की अधिकतम सीमा बढ़ाकर, बिना अनुमति 2.13 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है।

पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी ने खातों में गड़बड़ी कर 1.93 करोड़ रुपये निकाल लिए थे, जिसमें से लगभग 19.90 लाख रुपये बाद में विभिन्न खातों में वापस किए गए। बैंक द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद फरवरी 2025 में उसकी गिरफ्तारी हुई।
बचाव पक्ष का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है और बैंक ने गलत चार्ट व हलफनामा अदालत में पेश किया है। वहीं, बैंक के वकील ने बताया कि आरोपी ने ग्राहकों की सीमा बढ़ाकर फर्जी तरीके से राशि निकाली।
कोर्ट ने पाया कि आरोपी को सार्वजनिक धन का संरक्षक बनाकर नियुक्त किया गया था, लेकिन उसने भरोसा तोड़ा। प्रथम दृष्टया गबन के प्रमाणों को देखते हुए हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।