देशभर में मिडिल ईस्ट के युद्ध के चलते एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बढ़ती जा रही है। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग घंटों इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर न मिल पाने से परेशान हैं। सरकार ने लोगों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है, लेकिन किल्लत के कारण आम जनता में घबराहट का माहौल है।
संकट की इस घड़ी में कालाबाजारी और जमाखोरी के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। मुनाफाखोरों पर नकेल कसने के लिए विभिन्न राज्यों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कई स्थानों पर होटल और रेस्टोरेंट्स गैस की कमी के चलते इंडक्शन, कोयले और लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर हैं। मुंबई से लेकर उत्तर प्रदेश तक प्रशासन लगातार छापेमारी कर रहा है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने एक बंद पड़ी गैस एजेंसी पर छापा मारकर 668 सिलेंडर बरामद किए। इसके अलावा, बिना रिकॉर्ड के 1574 सिलेंडर भी जब्त किए गए हैं। आरोप है कि यह एजेंसी संकट का फायदा उठाकर महंगे दामों पर गैस बेच रही थी।
मुंबई में भी एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। वर्ली इलाके में छापेमारी के दौरान घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर जब्त किए गए। अवैध रूप से रिफिलिंग करने का खुलासा होने के बाद कई रेस्टोरेंट्स के खिलाफ भी जांच की जा रही है। शहर में गैस संकट के चलते कई बड़े रेस्टोरेंट्स को अपने कामकाज के तरीके बदलने पड़े हैं।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुरादाबाद में गैस एजेंसी द्वारा बुकिंग और डिलीवरी में हेराफेरी की शिकायत मिलने पर गोदाम को सील कर दिया गया है। नोएडा समेत राज्य के कई हिस्सों में उपभोक्ताओं को लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ में भी जमाखोरों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई है। राज्य में 102 स्थानों पर छापेमारी कर कुल 741 सिलेंडर जब्त किए गए, जिसमें अकेले रायपुर से 392 सिलेंडर बरामद हुए हैं। ऑनलाइन बुकिंग में आ रही दिक्कतों के कारण लोग सीधे गोदामों का रुख कर रहे हैं, जिससे अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।