कारखाने में 6 श्रमिकों की मौत के बाद किल्न क्रमांक-01 पर तत्काल प्रतिबंध

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रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम धौराभाठा स्थित मेसर्स रियल इस्पात एंड एनर्जी प्रा. लि. के कारखाने में 22 जनवरी 2026 को हुई भीषण औद्योगिक दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई है।

प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों के गंभीर उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत किल्न क्रमांक-01 के संचालन एवं मेंटेनेंस सहित सभी संबंधित कार्यों पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा जारी किया गया है।

दुर्घटना 22 जनवरी को सुबह करीब 9.40 बजे किल्न क्रमांक-01 के डस्ट सेटलिंग चेंबर के द्वितीय तल पर हुई। कार्य के दौरान अचानक विस्फोट होने और गर्म ऐश की बौछार पड़ने से 6 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय डस्ट सेटलिंग चेंबर में 850 से 900 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली गर्म ऐश को पोकिंग के जरिए नीचे गिराया जा रहा था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए सहायक संचालक की अगुवाई में उप संचालकों एवं अन्य अधिकारियों की टीम ने कारखाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुर्घटनास्थल की फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की गई, जिसमें कारखाना प्रबंधन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

जांच में सामने आया कि कारखाना प्रबंधन ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन नहीं किया। किल्न को शटडाउन किए बिना श्रमिकों से अत्यधिक जोखिम भरा कार्य कराया गया। डस्ट सेटलिंग चेंबर का हाईड्रोलिक स्लाइड गेट बंद नहीं किया गया, उचित वर्क परमिट जारी नहीं हुआ, नियमित रखरखाव की कमी रही तथा श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा प्रशिक्षण, पर्यवेक्षण और हीट रेसिस्टेंट एप्रन, सुरक्षा जूते, हेलमेट जैसे अनिवार्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए।

इन कारणों से किल्न क्रमांक-01 में विनिर्माण प्रक्रिया एवं मेंटेनेंस कार्य इमिनेंट डेंजर की स्थिति में थे। इसलिए इस किल्न के संचालन एवं सभी मेंटेनेंस कार्यों पर रोक लगाई गई है। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक प्रबंधन सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करता।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध की अवधि में कारखाने के सभी श्रमिकों को उनका वेतन एवं अन्य भत्ते निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से दिए जाएं।

सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में श्रमिकों की सुरक्षा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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