रेत का अवैध कारोबार चरम पर, नदियों का अस्तित्व खतरे में; आखिर क्यों मौन है खनिज विभाग?

सोनहत कोरिया

सोनहत, कोरिया। कोरिया जिले के अंतर्गत आने वाले सोनहत क्षेत्र में इन दिनों रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। प्रशासन की नाक के नीचे से दिन-दहाड़े और रात के अंधेरे में रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि सब कुछ जानते हुए भी खनिज विभाग मौन बैठा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सुबह से रात तक सड़कों पर दौड़ रहे अवैध रेत के वाहन

नदियों से रेत निकालने का खेल सुबह की पहली किरण के साथ शुरू होता है जो देर रात तक अनवरत चलता रहता है। ट्रैक्टर और ट्रकों के जरिए रेत का अवैध परिवहन मुख्य मार्गों से हो रहा है, लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। रेत माफियाओं में प्रशासन का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि वे अब बिना किसी डर के इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं।

रेत के अंधाधुंध और अनियंत्रित उत्खनन के कारण सोनहत क्षेत्र की नदियों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। नदियों का जलस्तर प्रभावित हो रहा है और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पूरी तरह से बिगड़ चुका है। यदि इसी तरह रेत निकाली जाती रही, तो आने वाले समय में नदियाँ सूख जाएंगी और क्षेत्र में भीषण जल संकट पैदा हो जाएगा। सवाल यह उठता है कि इन प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?

खनिज विभाग की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

सोनहत में हो रहे इस बड़े पैमाने पर अवैध परिवहन पर अब तक खनिज विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आखिर इस उदासीनता का कारण क्या है? क्या विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर साठगांठ के चलते कार्रवाई से बचा जा रहा है? अवैध परिवहन के कारण न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।

नदियों को ‘जीवनदायिनी’ माना जाता है, लेकिन सोनहत में माफिया उनका सीना छलनी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ी को केवल सूखी नदियाँ ही मिलेंगी। अब क्षेत्र की जनता कलेक्टर और उच्च अधिकारियों से उम्मीद लगाए बैठी है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे और रेत माफियाओं के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *