रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में अफीम की अवैध खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तमनार के बाद अब लैलूंगा थाना क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने का खुलासा हुआ है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। जिले में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा मामला है, जिसने पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। उस मामले की जांच में पता चला था कि झारखंड का निवासी मार्शल सांगा पिछले 10-12 वर्षों से यहां रहकर खेती कर रहा था। आरोपी ने स्थानीय किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के बहाने खेत किराए पर लिया था, लेकिन उसकी आड़ में वह प्रतिबंधित अफीम की खेती कर रहा था।
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी मार्शल सांगा झारखंड से आकर अपने ससुराल तमनार में बस गया था। उसके कुछ साथी झारखंड में भी अफीम की खेती से जुड़े हैं, जिनसे प्रेरित होकर उसने रायगढ़ में इस अवैध कारोबार को शुरू किया। लैलूंगा में मिले ताजा मामले के बाद पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। विभाग का कहना है कि नशीले पदार्थों की अवैध खेती के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।