( हिंगोरा सिंह सरगुजा )
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेज दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) के नेतृत्व में पुलिस कोआडिनेशन सेन्टर (सरगुजा भवन) में आयोजित की गई रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक
विवेचना के दौरान होने वाली त्रुटियों में सुधार हेतु इकाई स्तर पर अभियोजन अधिकारियों के साथ प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जावे
पुराने लंबित प्रकरणों का इकाई स्तर पर प्रत्येक माह होने वाले मंगलवार की बैठक के दौरान समन्वय स्थापित का सत प्रतिशत समीक्षा हेतु उपलब्ध कराया जावे
न्यायालय में विचारण के दौरान गम्भीर प्रकरणों में पक्षद्रोही होने की स्थिति में धारा 383 BNSS के तहत कार्यवाही किया जावे
माह-नवम्बर एवं दिसम्बर के सेशन कोर्ट के 246 प्रकरण एवं लोअर कोर्ट के 571 कुल 817 दोषमुक्ति प्रकरणों पर किया गया विशेष चर्चा
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) के द्वारा जिला सरगुजा के पुलिस कोऑडिनेशन सेन्टर (सरगुजा भवन) में रेंज स्तरीय दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली गई।
समीक्षा के दौरान सर्वप्रथम दोषमुक्ति प्रकरणों के माह-नवम्बर एवं दिसम्बर के सेशन कोर्ट के 246 प्रकरण एवं लोवर कोर्ट के 571 प्रकरण कुल 817 प्रकरणों का जिलेवार गहन चर्चा किया गया। विशेष रूप से उन प्रकरणों पर चर्चा कर गंभीरता से कार्यवाही करने को कहा गया जिसमें माननीय न्यायालय में अग्रिम जमानत निरस्त होने के बाद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं होने के कारणों/त्रुटियों के संबंध में विस्तृत अवलोकन कर चर्चा की गई। इसके अलावा गंभीर प्रकरणों में विवेचकों द्वारा विवेचना में किये जाने वाले त्रुटियों को दूर करने हेतु नवीन कानून के तहत भौतिक साक्ष्यों का फोटो ग्राफी, विडियों ग्राफी कर साक्ष्यों को सावधानी से संकलित करने हेतु निर्देशित किये। साथ ही उन्होनें रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किये कि यदि नवीन कानून के तहत किसी प्रकरण में विवेचना के दौरान कोई परेशानी हो रही हो तो अपने जिले के अभियोजन अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर उन प्रकरणों का निकाल करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त पुराने लंबित प्रकरणों का इकाई स्तर पर प्रत्येक माह में होने वाले मंगलवार की बैठक के दौरान चर्चा कर शत प्रतिशत समीक्षा हेतु उपलब्ध कराया जावे।

गम्भीर प्रकरणों में एफआईआर के बाद नवीन कानून के तहत समयावधि में अनिवार्य रूप से चालान पेश करने हेतु निर्देशित किया गया। प्रार्थी/पीड़िता
जिनका न्यायालय में 183 बीएनएसएस के अंतर्गत कथन लिया गया है, वो अगर न्यायालय में ट्रायल के दौरान पक्षद्रोही होते है तो उनके विरूद्ध धारा 383 बीएनएसएस के अंतर्गत कार्यवाही हेतु लोक अभियोजक के माध्यम से न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत करने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।
दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा उपरांत आईजी सरगुजा द्वारा पृथक से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से अन्य विन्दुओं पर किए चर्चा
पुलिस महानिरीक्षक द्वारा सरगुजा रेंज के समस्त जिलों के कानून व्यवस्था संबधी एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों साथ साथ गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही व प्रकरण में संलिप्त लोगों के खिलाफ की गई कार्यवाहीयों के संबंध में समीक्षा किए।
एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उन्होंने कहा कि जिलों के राजपत्रित अधिकारियों द्वारा लीड करते हुए स्वयं सर्च कार्यवाही कराया जावे व एनडीपीएस की धाराओं का प्रयोग करते हुए संपत्ति कुर्की जप्ती की कार्यवाही करने तथा फाइनेंशियल एवं एंड तो एंड इन्वेस्टिगेशन कर अंतर राज्य गैंग तथा कोरियर कंपनियों के विरुद्ध कार्यवाही तथा बाहरी राज्यों से आ रही प्रतिबंधित दवाओं के सप्लाई चैन के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने व अपराधियों के विरुद्ध पीट एनडीपीएस की कार्यवाही करने के हेतु सख्त निर्देश दिए। इसी प्रकार गौव तस्करी करने वालों के खिलाफ इन एंड टू एंड तक तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही तथा इसमें प्रयुक्त किए गए जप्त वाहनों का राजसात की कार्यवाही पूर्ण करने हेतु संबंधित इकाई प्रमुखों को निर्देशित किए। इसके अलावा जिलों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु आपराधिक संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर बनाए रखें तथा संदेहियों पर सख्त कार्यवाही करें। देर रात तक थाना क्षेत्र में चलने वाले होटल ढाबा दुकानों को समय पर बंद कराने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले तथा रोड पर स्टंट बाजी करने वाले के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उमनि/वरि पुलिस अधीक्षक सूरजपुर प्रशांत ठाकुर, सरगुजा राजेश अग्रवाल, जशपुर लाल उमेश सिंह पुलिस अधीक्षक कोरिया रवि कुरें, बलरामपुर वैभव वैकर रमनलाल, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर रत्ना सिंह सहित जिले के लोक अभियोजन अधिकारी एवं कार्यालय के स्टॉफ उपस्थित रहें।