नई दिल्ली। सनातन परंपरा में महाशिवरात्रि का पर्व आध्यात्मिक उन्नति और कष्ट निवारण के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र में इस रात को महानिशिथ काल कहा जाता है, जिसमें की गई शिव आराधना और विशेष उपाय जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने की शक्ति रखते हैं। यदि आप करियर, व्यापार या अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो इस रात कुछ सरल उपाय आजमा सकते हैं।
करियर में प्रगति के उपाय
नौकरी में उन्नति और पदोन्नति की इच्छा रखने वाले जातकों को महाशिवरात्रि की रात किसी प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करना चाहिए। पूजन के दौरान ओम नमः शिवाय का निरंतर जप करें। माना जाता है कि शहद से अभिषेक करने से कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों का सहयोग प्राप्त होता है।
कारोबार में लाभ के योग
व्यापार में निरंतर घाटे या मंदी का सामना कर रहे जातकों को शिवरात्रि के दूसरे प्रहर की पूजा में गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार गन्ने का रस लक्ष्मी का प्रतीक है। इस उपाय से रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावनाएं बढ़ती हैं और व्यापार में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
ग्रह दोष और कर्ज से मुक्ति
कुंडली के ग्रह दोषों को शांत करने के लिए महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में किसी शिव मंदिर या बेल के वृक्ष के नीचे घी के 11 दीपक जलाना शुभ होता है। यह उपाय न केवल अटके हुए कार्यों को गति देता है, बल्कि कर्ज की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना गया है।
शनि दोष से राहत
शनि की साढेसाती या ढैया से प्रभावित लोगों के लिए महाशिवरात्रि की रात विशेष फलदायी है। ऐसे जातकों को जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए और महादेव को शमी के पत्र अर्पित करने चाहिए। इस उपाय से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन की जटिलताएं दूर होती हैं।
सुख और समृद्धि का मार्ग
जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महाशिवरात्रि पर 21 या 108 बेलपत्र लेकर उन पर सफेद चंदन से राम नाम लिखें। इन पत्तों को श्रद्धापूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से प्रसन्न होकर महादेव अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।