दिल्ली। भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को लेकर पाकिस्तान के रुख पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है। आईसीसी ने कहा है कि किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट में पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी योग्य टीमों की भागीदारी अनिवार्य होती है। किसी एक मुकाबले से हटना विश्व कप जैसी प्रतियोगिता की भावना और निष्पक्षता के खिलाफ है।
आईसीसी ने रविवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में बताया कि उसने पाकिस्तान सरकार की उस टिप्पणी का संज्ञान लिया है, जिसमें टी-20 विश्व कप में चुनिंदा मैच ही खेलने के संकेत दिए गए थे। हालांकि, अब तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की ओर से कोई औपचारिक सूचना परिषद को नहीं मिली है।


परिषद ने साफ कहा कि चयनित मैच खेलने की नीति किसी भी अंतरराष्ट्रीय बहु-देशीय टूर्नामेंट की मूल अवधारणा से मेल नहीं खाती। आईसीसी टूर्नामेंट निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, समान अवसर, निरंतरता और खेल भावना के सिद्धांतों पर आधारित होते हैं। किसी एक प्रतिद्वंद्वी से दूरी बनाना प्रतियोगिता की विश्वसनीयता और खेल की आत्मा को कमजोर करता है।
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सरकारों की भूमिका और नीतिगत निर्णयों का सम्मान करती है, लेकिन ऐसे फैसले वैश्विक क्रिकेट और करोड़ों प्रशंसकों के हितों के विरुद्ध हैं। परिषद ने पीसीबी को आगाह किया कि वह इस तरह के कदमों के दीर्घकालिक और गंभीर परिणामों पर गंभीरता से विचार करे, क्योंकि इससे पूरी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसका पीसीबी स्वयं एक सदस्य और लाभार्थी है।
आईसीसी ने दोहराया कि उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता टी-20 विश्व कप 2026 का सफल और सुचारू आयोजन है, जिसमें सभी सदस्य बोर्डों की समान जिम्मेदारी है। बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि यदि इस मुद्दे का जल्द समाधान नहीं निकला, तो आईसीसी आगे कठोर कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।